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हिमाचल में छोटे स्कूलों में अब एक ही विषय शिक्षक देंगे सेवाएं, शिक्षा मंत्री ने दिए ये निर्देश

Written by:Neha Sharma
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हिमाचल प्रदेश सरकार ने शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव करने का निर्णय लिया है। अब जिन वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या केवल दस है, वहां सिर्फ एक विषय शिक्षक ही सेवाएं देंगे।
हिमाचल में छोटे स्कूलों में अब एक ही विषय शिक्षक देंगे सेवाएं, शिक्षा मंत्री ने दिए ये निर्देश

हिमाचल प्रदेश सरकार ने शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव करने का निर्णय लिया है। अब जिन वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या केवल दस है, वहां सिर्फ एक विषय शिक्षक ही सेवाएं देंगे। ऐसे स्कूलों में आवश्यकतानुसार शिक्षकों का युक्तिकरण (rationalisation) किया जाएगा। यानी जहां शिक्षकों की संख्या जरूरत से अधिक है, उन्हें अन्य विद्यालयों में भेजा जाएगा। गुरुवार को सचिवालय में शिक्षा विभाग की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा बैठक में शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने ये निर्देश दिए।

शिक्षा मंत्री ने दिए ये निर्देश

बैठक में शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों की कम संख्या वाले 11वीं और 12वीं कक्षा वाले स्कूलों को न तो मर्ज किया जाएगा और न ही डाउनग्रेड, बल्कि शिक्षकों का उचित पुनर्विनियोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कई शहरी इलाकों में ऐसे स्कूल हैं जहां विद्यार्थियों की संख्या बेहद कम है, जबकि विषय शिक्षकों की तैनाती अनुपात से अधिक है। ऐसे स्कूलों में अब एक विषय शिक्षक ही कार्यरत रहेगा। साथ ही, सभी जिला उपनिदेशकों को 11-12 नवंबर को समीक्षा बैठक में अपने-अपने क्षेत्र की प्रस्तुति देने के निर्देश दिए गए।

बैठक में नौ खेल हॉस्टलों में 11 कोच, पंजाबी भाषा के 11 और उर्दू भाषा के 10 शिक्षक नियुक्त करने का भी निर्णय लिया गया। इसके अलावा, शिक्षा मंत्री ने एसएमसी पर नियुक्त प्रवक्ताओं और डीपी की पांच फीसदी एलडीआर कोटे में भर्ती के लिए आरएंडपी नियम बनाने को कहा। उन्होंने छठी से आठवीं कक्षा तक पढ़ाए जा रहे हिमाचल के इतिहास विषय की समीक्षा करते हुए कहा कि इसमें राज्य की अधिक ऐतिहासिक जानकारियां जोड़ी जाएं। साथ ही, बागवानी विषय को लेकर जल्द सिलेबस तैयार करने के भी निर्देश दिए।

9000 पदों को भरने की चल रही प्रक्रिया

शिक्षा मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने बीते तीन वर्षों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए 7000 नियमित शिक्षकों की नियुक्ति की है और 9000 पदों को भरने की प्रक्रिया चल रही है। इनमें 1170 टीजीटी, 1762 जेबीटी, 37 प्रवक्ता (PWD), 69 सीएंडवी और 6292 एनटीटी शिक्षक शामिल हैं। उन्होंने कहा कि सभी शिक्षण संस्थानों में रिक्त पदों को जल्द भरने की प्रक्रिया पूरी की जाए ताकि शैक्षणिक गतिविधियां बाधित न हों।

रोहित ठाकुर ने यह भी कहा कि सभी नव-नियुक्त शिक्षकों के लिए इंडक्शन ट्रेनिंग अनिवार्य की गई है ताकि उन्हें नई शिक्षण पद्धतियों से अद्यतन रखा जा सके। उन्होंने विद्यालयों में नियमित निरीक्षण पर जोर देते हुए कहा कि जवाबदेही और गुणवत्ता शिक्षा को बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता है। बैठक में शिक्षा सचिव राकेश कंवर, उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा, शिक्षा निदेशक आशीष कोहली और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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