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राज्यपाल ने दी मर्सिडिज कार विवाद पर सफाई, बोले- ये मेरी निजी मांग नहीं थी

Written by:Neha Sharma
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हिमाचल प्रदेश में आर्थिक संकट के बीच राज्यपाल के लिए 92 लाख रुपये की मर्सिडिज कार खरीदे जाने के फैसले पर सियासत तेज हो गई है। राज्यपाल ने स्पष्ट किया कि यह कोई व्यक्तिगत मांग नहीं थी, बल्कि नियमों के अनुसार जरूरी था। उन्होंने कहा कि संसदीय कार्य मंत्री को यह स्पष्ट करना चाहिए था।
राज्यपाल ने दी मर्सिडिज कार विवाद पर सफाई, बोले- ये मेरी निजी मांग नहीं थी

हिमाचल प्रदेश में आर्थिक संकट के बीच राज्यपाल के लिए 92 लाख रुपये की मर्सिडिज कार खरीदे जाने के फैसले पर सियासत तेज हो गई है। विपक्षी भाजपा ने इस फैसले को लेकर सरकार पर निशाना साधा, लेकिन अब खुद राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने इस मुद्दे पर सफाई दी है। शुक्रवार को शिमला राजभवन से मंडी और कुल्लू जिलों के आपदा प्रभावितों के लिए राहत सामग्री रवाना करने के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि दिल्ली में पुराने वाहनों के संचालन पर रोक है, इसलिए नया वाहन लेना ज़रूरी हो गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कोई व्यक्तिगत मांग नहीं थी, बल्कि नियमों के अनुसार जरूरी था। उन्होंने कहा कि संसदीय कार्य मंत्री को यह स्पष्ट करना चाहिए था।

राज्यपाल ने दी कार विवाद पर सफाई

राज्यपाल शुक्ल ने हिमाचल में हो रहे अवैज्ञानिक निर्माण और आपदाओं को लेकर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी का भी समर्थन किया। उन्होंने कहा कि यह चिंता केवल अदालत की नहीं है, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस विषय को लेकर गंभीर हैं। उन्होंने कहा कि हिमाचल में पर्यावरण और जीवनशैली को संतुलित करने की आवश्यकता है और इसके लिए राज्य व केंद्र सरकार के बीच बेहतर तालमेल बनाना जरूरी है। उन्होंने भरोसा जताया कि केंद्र सरकार प्रदेश को हरसंभव सहायता दे रही है।

राज्यपाल ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की उस टिप्पणी पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें सुक्खू ने राज्यपाल के एक बयान पर नाराजगी जाहिर की थी। शुक्ल ने स्पष्ट किया कि उन्होंने केवल पुनर्वास केंद्र खोलने की बात कही थी और इसमें सरकार व प्रशासन के प्रयासों की सराहना भी की थी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने उनके बयान को किस संदर्भ में लिया, यह वही बेहतर बता सकते हैं। उल्लेखनीय है कि सुक्खू ने कहा था कि राज्यपाल जैसे गरिमामयी पद पर बैठे व्यक्ति को ऐसा बयान नहीं देना चाहिए था।

इसके साथ ही राज्यपाल ने बताया कि मंडी और कुल्लू के आपदा प्रभावितों के लिए करीब 1200 से 1300 परिवारों को राहत सामग्री भेजी गई है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि वे खुद दो दिनों के मंडी दौरे पर जाएंगे और स्थिति का स्थलीय निरीक्षण करेंगे। राज्यपाल ने यह भी बताया कि इस विषय पर उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी बातचीत हुई है। प्रधानमंत्री ने राज्यपाल से कहा कि हिमाचल के लोग अपने रहन-सहन और निर्माण पद्धति में बदलाव नहीं लाएंगे, तो भविष्य में और अधिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

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