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खरीफ सीजन 2026 : कृषि विभाग की तैयारियां तेज, फसल की पैदावार बढ़ाने कृषि मंत्री ने किसानों को दी ये सलाह

Written by:Atul Saxena
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कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना ने कहा कि हमारा संकल्प है कि मध्यप्रदेश का किसान देश में सबसे समृद्ध हो। विभाग का हर अधिकारी-कर्मचारी खेत तक पहुंचकर किसानों की समस्या का समाधान करेगा।
खरीफ सीजन 2026 : कृषि विभाग की तैयारियां तेज, फसल की पैदावार बढ़ाने कृषि मंत्री ने किसानों को दी ये सलाह

Kharif sowing time for farmers

रबी की फसलों का सीजन समाप्त हो गया है और अब खरीफ की फसलों का सीजन आने वाला है, कृषि विभाग ने इसकी तैयारियां तेज कर दी हैं, विभाग एक ओर जहाँ बीज, खाद की उपलब्धता पर ध्यान दे रहा है वहीं किसानों को अच्छी पैदावार के लिए यानि उनकी फसल की पैदावार बढ़ाने के लिए सलाह भी दे रहा है।

एक महीने बाद खरीफ सीजन 2026 की शुरुआत होने वाली है, प्रदेश के किसान इन दिनों अपने खेतों को नई फसल के लिए तैयार कर रहे हैं  किसान के लिए जून और जुलाई का समय बहुत उपयोगी और महत्वपूर्ण होता है इन दो महीनों में यानि मानसून शुरू होने पर वो फसल के लिए बीज की बुवाई करता है, उसे उम्मीद रहती है कि सितम्बर अक्टूबर में जब कटाई का समय आएगा तब तक उसकी फसल उसे उसकी मेहनत का अच्छा परिणाम देगी।

इधर मध्य प्रदेश सरकार के कृषि विभाग ने भी खरीफ सीजन 2026 की तैयारियां तेज कर दी है, मध्य प्रदेश के किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री एदल सिंह कंषाना ने कहा है कि किसानों की आय बढ़ाना इसे दोगुनी करना और खेती  को लाभ का धंधा बनाना हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के निर्देश पर विभाग इसी दिशा में काम कर रहा है।

कृषि मंत्री के अधिकारियों को निर्देश 

कृषि मंत्री कंषाना ने विभागीय अधिकारियों को खरीफ के सीजन में आने वाली सामान्य दिक्कतों पर अभी से नजर रखने और उन्हें दूर करने के निर्देश दिए हैं साथ कहा है कि किसान की किसी भी समस्या का समाधान शीघ्र होना चाहिए इस बात का भी ध्यान रखा जाये।

किसानों के लिए कृषि मंत्री की सलाह

मिट्टी परीक्षण : बोवनी या बुवाई से पहले खेत की मिट्टी की जांच अवश्य कराएं। राज्य सरकार ने सभी विकासखंडों में निःशुल्क मृदा स्वास्थ्य कार्ड बनाये जाने की व्यवस्था की है।

बीज उपचार : कृषि मंत्री ने कहा कि बीज उपचार एक बहुत आवश्यक क्रिया है, इसलिए सोयाबीन, मूंग, उड़द व मक्का की बोवनी से पहले फफूंदनाशक व राइजोबियम कल्चर से बीज उपचार करें। ऐसा करने से उत्पादन क्षमता बढ़ती है इसमें 15-20 प्रतिशत वृद्धि की उम्मीद रहती है।

बारिश में बोवनी : कृषि मंत्री की सलाह है कि अच्छी पैदावार के लिए  4 इंच बारिश के बाद ही बोवनी करें। इसके लिए किसान  ‘एमपी किसान ऐप’ पर नजर बनाये रखे उस पर अगले 7 दिन का मौसम पूर्वानुमान देखे और फिर बुवाई  का  निर्णय लें।

प्राकृतिक खेती : कृषि मंत्री ने सलाह दी है कि सरकार की मंशानुरूप प्राकृतिक खेती को अधिक अपनाएं, किसान भाई रासायनिक उर्वरकों की जगह जीवामृत, घन-जीवामृत व वर्मी कम्पोस्ट का उपयोग करें। इससे उनकी लागत घटेगी इसके साथ ही मिट्टी की सेहत सुधरेगी उसकी उर्वरा क्षमता में वृद्धि होगी।

कृषि विभाग की तैयारी 

  • खरीफ सीजन-2026 के लिए 28 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज और 45 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का भंडारण विभाग ने पूरा कर लिया है।
  • मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के निर्देश पर  कालाबाजारी पर कड़ी नजर रखी जा रही है इसके लिए कंट्रोल रूम सक्रिय हैं वो पैनी नजर बनाये रखेंगे।
  • ‘पर ड्रॉप-मोर क्रॉप’ के तहत 75 हजार हेक्टेयर में सूक्ष्म सिंचाई के लिए 80 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है।
  • ‘ई-कृषि यंत्र अनुदान पोर्टल’ से 1.5 लाख किसानों को ट्रैक्टर, रोटावेटर, सीड ड्रिल पर अनुदान दिया जा रहा है।
  • ‘प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना’ में नुकसान का सर्वे करने के निर्देश दिए गए हैं।
  • एफपीओ के माध्यम से किसानों को प्रोसेसिंग, ग्रेडिंग और निर्यात से जोड़ा जा रहा है।
Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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