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हिमाचल HRTC ड्रेस कोड को लेकर सख्त, परना-गमछा पहनने पर लगाई रोक, जानिए क्या है कारण?

Written by:Ankita Chourdia
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हिमाचल पथ परिवहन निगम ने चालकों-परिचालकों के लिए ड्रेस कोड सख्त किया है। दरअसल अब ड्यूटी के दौरान गले या सिर पर परना, गमछा या रंग-बिरंगा कपड़ा नहीं बांध पाएंगे।
हिमाचल HRTC ड्रेस कोड को लेकर सख्त, परना-गमछा पहनने पर लगाई रोक, जानिए क्या है कारण?

हिमाचल प्रदेश में पथ परिवहन निगम (HRTC) ने अपने चालकों और परिचालकों के लिए ड्रेस कोड संबंधी सख्त निर्देश जारी किए हैं। दरअसल अब ड्यूटी के दौरान उनके गले या सिर पर परना, गमछा अथवा किसी भी प्रकार का रंग-बिरंगा कपड़ा बांधने पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। यह निर्देश निगम प्रबंधन द्वारा इसलिए जारी किए गए हैं ताकि कर्मचारियों की पेशेवर छवि को बनाए रखा जा सके और उसकी गरिमा बनी रहे।

दरअसल इस संबंध में प्रदेश भर के विभिन्न डिपुओं में संबंधित क्षेत्रीय प्रबंधकों (आरएम) द्वारा सर्कुलर जारी कर दिए गए हैं। इन सर्कुलरों में स्पष्ट रूप से यह बताया गया है कि इन आदेशों का पालन हर हाल में सुनिश्चित किया जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह कदम निगम की ओर से अपनी व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में उठाया गया है।

पेशेवर छवि पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है?

वहीं निगम प्रबंधन का स्पष्ट मानना है कि यदि चालक और परिचालक अपनी निर्धारित वर्दी के साथ रंग-बिरंगे परने अथवा गमछे का उपयोग करते हैं, तो इससे उनकी पेशेवर छवि पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है और वह धूमिल होती है। यह भी बताया गया है कि एचआरटीसी ने पहले से ही अपने चालकों और परिचालकों के लिए एक निर्धारित ड्रेस कोड तय कर रखा है, जिसका पालन सभी के लिए अनिवार्य है।

एचआरटीसी की बसें इन राज्यों में भी होती है संचालित

यह भी एक महत्वपूर्ण तथ्य है कि एचआरटीसी की बसें केवल हिमाचल प्रदेश के भीतर ही संचालित नहीं होती हैं। ये बसें पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, चंडीगढ़, जम्मू-कश्मीर, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड जैसे देश के सात अन्य राज्यों में भी अपनी सेवाएं देती हैं। ऐसे में, निगम प्रबंधन का यह स्पष्ट मत है कि कर्मचारियों की वेशभूषा सीधे तौर पर निगम की गरिमामयी छवि को दर्शाती है। इसलिए, एक समान और अनुशासित रूप में दिखाई देना अत्यंत आवश्यक है, ताकि निगम की प्रतिष्ठा बनी रहे।

निर्धारित ड्रेस कोड का सही ढंग से पालन करने के निर्देश

निगम ने अपने आदेशों में यह भी स्पष्ट किया है कि सभी चालक और परिचालक निर्धारित ड्रेस कोड का सही ढंग से पालन करें। इसके साथ ही, एक कड़ी चेतावनी भी जारी की गई है। इस चेतावनी के अनुसार, यदि कोई कर्मचारी इन आदेशों की अवहेलना करता हुआ पाया जाता है, तो उसके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जा सकती है। यह चेतावनी सुनिश्चित करती है कि सभी कर्मचारी नियमों का पालन करें।

कर्मचारी संगठनों ने विरोध करना शुरू कर दिया

हालांकि, निगम द्वारा जारी किए गए इन निर्देशों का कर्मचारी संगठनों ने विरोध करना शुरू कर दिया है। हिमाचल पथ परिवहन मजदूर संघ ने इन आदेशों को पूरी तरह से अव्यावहारिक बताया है और इस पर अपनी गहरी नाराजगी जताई है। संघ के महासचिव हरीश पराशर ने इस संबंध में अपनी बात रखते हुए कहा कि निगम प्रबंधन कर्मचारियों की वास्तविक समस्याओं का समाधान खोजने के बजाय, उन्हें बेवजह परेशान करने वाले फरमान जारी कर रहा है, जिससे कर्मचारियों में असंतोष की स्थिति निर्मित हो रही है।

उन्होंने आगे बताया कि एचआरटीसी के चालक और परिचालक बाहरी राज्यों तक लंबी दूरी की सेवाएं प्रदान करते हैं। खासकर गर्मी के मौसम में चंडीगढ़, पंजाब और दिल्ली जैसे मैदानी इलाकों में तापमान 40 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है। ऐसी भीषण गर्मी में कई बार चालक और परिचालक पसीना पोंछने या गर्मी से थोड़ी राहत पाने के उद्देश्य से अपने गले में कपड़ा रखते हैं। ऐसे में, इन परना या गमछे पर प्रतिबंध लगाना किसी भी दृष्टिकोण से उचित प्रतीत नहीं होता है और यह कर्मचारियों के लिए परेशानी का सबब बन सकता है।

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