प्रदेशभर में ग्रामीण विकास की धुरी माने जाने वाले त्रि-स्तरीय पंचायत चुनावों की रणभेरी बज चुकी है, जिसके अंतर्गत नामांकन प्रक्रिया अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच गई है। आज, अर्थात 11 मई, नामांकन दाखिल करने का अंतिम दिवस है। राज्यभर में उम्मीदवारों तथा उनके समर्थकों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है, जो अपने-अपने प्रत्याशियों के समर्थन में निर्वाचन कार्यालयों के बाहर जमा है। कई स्थानों पर प्रत्याशी ढोल-नगाड़ों के साथ तथा शक्ति प्रदर्शन करते हुए नामांकन पत्र दाखिल करने के लिए पहुंच रहे हैं, जिससे चुनावी माहौल और भी गरमा गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 7 और 8 मई को अब तक कुल 42 हजार 562 दावेदारों ने प्रधान, उप प्रधान, वार्ड सदस्य, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्य जैसे महत्वपूर्ण पदों के लिए अपने नामांकन पत्र भरे हैं। यह अनुमान लगाया जा रहा है कि आज अंतिम दिन की समाप्ति तक यह आंकड़ा 60 हजार के पार पहुंच सकता है, जो इन चुनावों में जनता की व्यापक भागीदारी का संकेत देता है। नामांकन पत्रों की जांच का कार्य 12 मई को संपन्न होगा, जिसके उपरांत पात्र प्रत्याशियों की सूची जारी की जाएगी। इसके पश्चात, 14 और 15 मई को नामांकन पत्र वापस लेने की प्रक्रिया पूर्ण की जा सकेगी, जिससे अंतिम रूप से चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों की स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।
कब किए जाएंगे चुनाव चिह्न आवंटित?
दरअसल राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 15 मई को दोपहर तीन बजे तक सभी दावेदारों को चुनाव चिह्न आवंटित किए जाएंगे। यह स्पष्ट किया गया है कि किसी भी दावेदार को उसकी निजी पसंद का चुनाव चिह्न प्रदान नहीं किया जाएगा। इसके स्थान पर, हिंदी वर्णमाला के क्रम में नाम के अनुसार, राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा पूर्व-निर्धारित चुनाव चिह्न दावेदारों को उपलब्ध कराए जाएंगे। राज्य निर्वाचन आयोग ने इन सभी पदों के लिए चुनाव चिह्न पहले ही तय कर दिए हैं, ताकि प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनी रहे।
कुल 31 हजार 214 जनप्रतिनिधियों का चयन किया जाएगा
इन त्रि-स्तरीय पंचायत चुनावों के माध्यम से राज्यभर में कुल 31 हजार 214 जनप्रतिनिधियों का चयन किया जाएगा, जो ग्रामीण क्षेत्रों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। राज्य की कुल 3754 पंचायतों में इन पदों के लिए तीन चरणों में चुनाव संपन्न कराए जा रहे हैं। इन पदों में 3,754 प्रधान, 3,754 उप प्रधान, 21,654 वार्ड सदस्य, 1,769 बीडीसी (खंड विकास समिति सदस्य) और 251 जिला परिषद सदस्य शामिल हैं। इन महत्वपूर्ण चुनावों में 50 लाख से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर, अपने क्षेत्र के लिए योग्य प्रतिनिधियों का चुनाव करेंगे।
राज्य में पंचायत चुनावों के लिए मतदान तीन चरणों में निर्धारित किया गया है। प्रथम चरण का मतदान 26 मई को, द्वितीय चरण का मतदान 28 मई को और तृतीय चरण का मतदान 30 मई को संपन्न होगा। प्रधान, उप प्रधान और वार्ड सदस्य जैसे पदों की मतगणना मतदान वाले दिन ही संबंधित पंचायत भवनों में की जाएगी, ताकि परिणामों की त्वरित घोषणा हो सके। वहीं, जिला परिषद और बीडीसी सदस्यों के लिए डाले गए मतों की गणना 31 मई को एक साथ की जाएगी, जिससे इन बड़े निकायों के परिणाम भी शीघ्रता से घोषित किए जा सकें।






