
हिमाचल प्रदेश को नवंबर से नई इलेक्ट्रिक बसों की सौगात मिलने जा रही है। हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) ने इन बसों के ढांचे को फाइनल कर दिया है। पिछले दिनों एचआरटीसी अधिकारियों ने हैदराबाद जाकर कंपनी द्वारा बनाए गए बसों के स्ट्रक्चर की जांच-पड़ताल की और उसे मंजूरी दी। अब इन बसों पर आगे का काम तेजी से चल रहा है। निगम ने दो महीने पहले ही 297 इलेक्ट्रिक बसों की खरीद का वर्क ऑर्डर जारी किया था। प्रत्येक बस की कीमत 1 करोड़ 71 लाख रुपये तय की गई है। हालांकि ये बसें महंगी हैं, लेकिन पहले से ज्यादा आरामदायक होंगी और 12 साल तक इनकी मेंटेनेंस का जिम्मा भी सप्लाई करने वाली कंपनी के पास रहेगा।
एचआरटीसी के उपाध्यक्ष अजय वर्मा के मुताबिक, बसों का ढांचा फाइनल कर दिया गया है और अगले महीने तकनीकी टीम अंतिम निरीक्षण करेगी। उम्मीद है कि नवंबर से इन बसों को प्रदेश की सड़कों पर उतार दिया जाएगा। शुरुआत में कंपनी ने बसों के ढांचे को अप्रूव करवाने के लिए एचआरटीसी अफसरों को बुलाया था और निरीक्षण के बाद ही इसकी मंजूरी दी गई। अब इन बसों के निर्माण का कार्य तेजी से जारी है और तय समय पर डिलीवरी की उम्मीद है।
हिमाचल में दौड़ेंगी नई इलेक्ट्रिक बसें
इलेक्ट्रिक बसों को चलाने के लिए चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर भी तैयार किया जा रहा है। एचआरटीसी ने फिलहाल 40 से ज्यादा चार्जिंग स्टेशन बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। उपमुख्यमंत्री ने भी निगम को निर्देश दिए हैं कि ई-चार्जिंग स्टेशनों का काम समय पर पूरा किया जाए। नई बसें फिलहाल उन्हीं क्षेत्रों में चलाई जाएंगी जहां चार्जिंग स्टेशन पहले से मौजूद होंगे। यह व्यवस्था सुनिश्चित करेगी कि बसों का संचालन बिना रुकावट जारी रहे और यात्रियों को किसी असुविधा का सामना न करना पड़े।
इधर, प्रदेश के विधायक भी अपने-अपने क्षेत्रों में इलेक्ट्रिक बसों की डिमांड लगातार कर रहे हैं। कई विधायकों ने अपनी प्राथमिकता योजना में भी बसों की मांग दर्ज कराई है। नवंबर से इन बसों के चलने की शुरुआत होते ही एचआरटीसी को बड़ी राहत मिलेगी। इसके साथ ही यात्रियों को भी आधुनिक और पर्यावरण के अनुकूल सफर का अनुभव मिलेगा। यह कदम हिमाचल प्रदेश को ग्रीन मोबिलिटी की दिशा में एक नई पहचान देगा।
