हिमाचल के जर्जर स्कूल भवन होंगे दुरुस्त, 16 करोड़ रुपये मंजूर, बच्चों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करेगी सरकार

हिमाचल प्रदेश में जर्जर स्कूल भवनों में पढ़ रहे बच्चों को अब सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जाएगा। राज्य सरकार ने इन भवनों की मरम्मत और नवनिर्माण के लिए 16 करोड़ रुपये मंजूर कर दिए हैं।
हिमाचल के जर्जर स्कूल भवन होंगे दुरुस्त, 16 करोड़ रुपये मंजूर, बच्चों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करेगी सरकार

हिमाचल प्रदेश में जर्जर स्कूल भवनों में पढ़ रहे बच्चों को अब सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जाएगा। राज्य सरकार ने इन भवनों की मरम्मत और नवनिर्माण के लिए 16 करोड़ रुपये मंजूर कर दिए हैं। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने यह निर्णय अमर उजाला के “ये कैसी पाठशाला” अभियान में उजागर की गई खबरों पर संज्ञान लेने के बाद लिया। अभियान के तहत विभिन्न जिलों में कई स्कूलों की खस्ताहाल स्थिति सामने आई थी, जिससे बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठे थे। मंत्री ने निर्देश दिया है कि जिन स्कूल भवनों की स्थिति बेहद खराब है, उन्हें तुरंत चिह्नित कर बच्चों को वैकल्पिक सुरक्षित स्थानों पर भेजा जाए।

हिमाचल के जर्जर स्कूल भवन होंगे दुरुस्त

सरकार ने स्पष्ट किया है कि नए स्कूल भवनों के प्रस्ताव जल्द से जल्द तैयार किए जाएं। शिक्षा विभाग ने यह भी निर्णय लिया है कि भविष्य में नए भवन नदी-नालों और जल स्रोतों के पास नहीं बनाए जाएंगे। वर्तमान में राज्य के 10 जिलों के 109 स्कूल ऐसे हैं, जिनकी हालत सबसे ज्यादा खराब बताई गई है। इन स्कूलों को प्राथमिकता के आधार पर दुरुस्त किया जाएगा। रिपोर्टों में पाया गया कि कई जगहों पर छत टपक रही है, दीवारें झुकी हुई हैं और क्लासरूम बच्चों की सुरक्षा के लिहाज से बिल्कुल अनुपयुक्त हैं।

शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने कहा है कि हर जिला अधिकारी और खंड शिक्षा अधिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि मरम्मत और निर्माण कार्य की गुणवत्ता से कोई समझौता न हो। उन्होंने यह भी दोहराया कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी हालत में खस्ताहाल भवनों में कक्षाएं नहीं लगाई जाएंगी।

सरकार ने इन मरम्मत और निर्माण कार्यों की जिम्मेदारी हिमुडा (हिमाचल अर्बन डेवलपमेंट अथॉरिटी) को सौंपी है। ठाकुर ने साफ किया कि आने वाले समय में प्रदेश के सभी स्कूल भवन सुरक्षित और आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगे। यह कदम न केवल बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा, बल्कि शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का माहौल भी उपलब्ध कराएगा।

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