मंडी जिले के सरकाघाट में आयोजित राज्यस्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने अटल आयुर्विज्ञान एवं अनुसंधान विश्वविद्यालय को नेरचौक से सरकाघाट स्थानांतरित करने की घोषणा की। पहले इसके लिए सुंदरनगर में जमीन चिह्नित की गई थी। भारी बारिश और तेज हवाओं के बीच परेड की सलामी लेने के बाद अपने संबोधन में उन्होंने हिमाचल की वीरता, आपदा, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य और नशा उन्मूलन जैसे मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि हिमाचल वीरों की भूमि है, जहां मेजर सोमनाथ जैसे सपूतों ने देश के लिए बलिदान दिया। हाल की आपदा में 222 लोगों की जान गई, जिसके लिए उन्होंने शोक जताया और प्रभावितों के लिए 100 करोड़ रुपये की राहत राशि का ऐलान किया।
कृषि और बागवानी क्षेत्र में प्रगति पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि हिमाचल प्राकृतिक खेती पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) देने वाला पहला राज्य बना है। छह जिलों से 127 मीट्रिक टन कच्ची हल्दी खरीदी गई, और पांगी के किसानों से 100 रुपये प्रति किलो जौ खरीदा जाएगा। बागवानी उत्पादों के लिए यूनिवर्सल कार्टन अनिवार्य किया गया है। शिक्षा के क्षेत्र में ढाई साल में उल्लेखनीय प्रगति का दावा करते हुए उन्होंने 200 नए सीबीएसई स्कूल खोलने की घोषणा की। साथ ही, पिछले सरकार द्वारा बिना बजट के खोले गए 900 संस्थानों के युक्तिकरण के बाद 1,000 संस्थानों को बंद किया गया।
टांडा और हमीरपुर मेडिकल कॉलेजों में होगी रोबोटिक सर्जरी
स्वास्थ्य और नशा उन्मूलन पर बोलते हुए सुक्खू ने नेरचौक, टांडा और हमीरपुर मेडिकल कॉलेजों में रोबोटिक सर्जरी सुविधा शुरू करने का ऐलान किया। नशा तस्करी को गंभीर चिंता बताते हुए उन्होंने हर जिले में नशा निवारण केंद्र स्थापित करने और एंटी चिट्टा वालंटियर योजना शुरू करने की घोषणा की। नशा माफिया की 42 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई है, और पुलिस भर्ती में ‘चिट्टा’ टेस्ट अनिवार्य किया गया है। सूचना देने वालों को प्रोत्साहन राशि दी जाएगी, और चिट्टा रोकथाम बोर्ड का गठन होगा।
सरकाघाट में बनाया जायेगा नया बस अड्डा
मुख्यमंत्री ने सरकाघाट में नया बस अड्डा बनाने, नागरिक अस्पताल की क्षमता 50 से बढ़ाकर 100 बिस्तर करने और शिव मंदिर की जमीन को पार्किंग के लिए उपयोग करने की घोषणा की। उन्होंने जलवायु परिवर्तन के कारण हुए नुकसान का जिक्र करते हुए कहा कि 2023 में 10,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ, लेकिन केंद्र से केवल 1,500 करोड़ रुपये की सहायता मिली। उन्होंने विश्वास जताया कि जनबल के दम पर हिमाचल आपदा से उबरकर विकास की नई ऊंचाइयां छुएगा। हालांकि, महंगाई भत्ता की उम्मीद कर रहे कर्मचारियों को निराशा हाथ लगी।





