
हमीरपुर के सदर विधायक आशीष शर्मा ने होटल हमीर में आयोजित प्रेस वार्ता में पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पुंग खड्ड में उनके चाचा के स्वामित्व वाले महावीर स्टोन क्रशर पर पुलिस ने बिना वारंट छापेमारी की और वहां तैनात केयरटेकर को धमकाया। शर्मा ने इस कार्रवाई को गैरकानूनी और निंदनीय करार देते हुए, कहा कि पुलिस ने सीसीटीवी की हार्ड डिस्क भी चुराई। उनके चाचा ने डीसी, एसपी और डीजीपी को पत्र लिखकर दोषी पुलिस अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
आशीष शर्मा ने दावा किया कि क्रशर डेढ़ साल से बंद पड़ा है और इसका सारा रॉ मैटीरियल खनन विभाग के रिकॉर्ड में दर्ज है। उन्होंने पुलिस से पूछा कि अगर उनकी मशीनरी या जेसीबी अवैध खनन में पकड़ी गई, तो इसका सबूत पेश किया जाए। शर्मा ने आरोप लगाया कि पुलिस और सरकार उनकी और उनके परिवार की छवि खराब करने के लिए झूठे मुकदमे बना रही है। उन्होंने कहा कि वह इस अन्याय के खिलाफ कोर्ट में जाएंगे और कानून तोड़ने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाएंगे।
छापेमारी में ताजा रॉ मैटीरियल और मशीनरी पकड़ी
वहीं, एएसपी राजेश शर्मा ने पुलिस की कार्रवाई को पूरी तरह वैध और सबूतों पर आधारित बताया। उन्होंने कहा कि छापेमारी के दौरान स्थानीय पंचायत प्रधान मौजूद थे और पुलिस के पास साक्ष्य हैं कि 7-8 अगस्त तक क्रशर पर अवैध खनन चल रहा था। छापेमारी में ताजा रॉ मैटीरियल और मशीनरी पकड़ी गई। एएसपी ने बताया कि क्रशर का मुंशी फोन पर निर्देश ले रहा था और मालिक न मौके पर आने की जहमत उठाई और न ही सीसीटीवी का पासवर्ड दिया, जिसके बाद हार्ड डिस्क जांच के लिए कब्जे में ली गई।
अवैध खनन में सभी तथ्यों की गहन से जांच
एएसपी ने कहा कि क्रशर मालिक को ई-मेल के जरिए शिकायत का जवाब देने के लिए बुलाया गया, लेकिन वह नहीं आए। पुलिस ने निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया और कहा कि अवैध खनन के मामले में सभी तथ्यों की गहन जांच की जाएगी। यह विवाद अब राजनीतिक और कानूनी रंग ले चुका है, जिसमें विधायक और पुलिस के बीच तनातनी बढ़ती जा रही है। इस मामले के कोर्ट में पहुंचने की संभावना है, जहां दोनों पक्ष अपने दावों को साबित करने की कोशिश करेंगे।
