पेंशनधारकों के लिए जरूरी खबर, 28 फरवरी तक पूरा कर लें ये काम, वरना बंद हो सकती है सामाजिक सुरक्षा पेंशन

हिमाचल प्रदेश में सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लिए ई-केवाईसी सत्यापन की अंतिम तिथि 28 फरवरी 2026 तय कर दी गई है । लाभार्थी तय तारीख तक ई-केवाईसी का काम पूरा कर सकते हैं।
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हिमाचल प्रदेश के पेंशनधारकों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य की सुखविंदर सिंह सुख्खू सरकार ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लिए ई-केवाईसी (e-KYC) की अंतिम तिथि बढ़ा दी है। अब पेंशनधारक 28 फरवरी 2026 तक ई-केवाईसी करवा सकते हैं। इससे पहले सरकार ने इसके लिए 15 फरवरी 2026 की डेडलाइन तय की थी, जिसे अब बढ़ा दिया गया है। इस संबंध में 16 फरवरी 2026 को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने आदेश जारी कर दिए हैं।

सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने सभी जिला कल्याण अधिकारियों और संबंधित तहसील कल्याण अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी पात्र लाभार्थियों का ई-केवाईसी सत्यापन सुनिश्चित करें। तय तिथि तक ई-केवाईसी ना कराने वाले लाभार्थियों की पेंशन स्थायी रूप से बंद हो सकती है। साथ ही उन्हें अनुपलब्ध या अपात्र मान लिया जाएगा।

कैसे करा सकते हैं ई-केवाईसी

सभी सामाजिक सुरक्षा पेंशनधारक अपने नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र या संबंधित तहसील कल्याण अधिकारी कार्यालय में जाकर आवश्यक दस्तावेजों सहित ई-केवाईसी सत्यापन करवा सकते है। ई-केवाईसी से संबंधित जानकारी, आवश्यक दस्तावेजों की सूची या किसी तकनीकी समस्या के समाधान के लिए लाभार्थी अपने नजदीकी जिला कल्याण अधिकारी, तहसील कल्याण अधिकारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी, बाल विकास परियोजना पर्यवेक्षक या संबंधित आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से तुरंत संपर्क कर सकते हैं।

  • आंगनबाड़ी केंद्र: आप अपने नजदीकी आंगनबाड़ी केंद्र में जाकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की मदद से सत्यापन करवा सकते हैं।
  • ​लोक मित्र केंद्र (CSC): बायोमेट्रिक के माध्यम से सत्यापन के लिए नजदीकी लोक मित्र केंद्र पर जाया जा सकता है।
  • ​कल्याण विभाग कार्यालय: तहसील या जिला कल्याण अधिकारी के कार्यालय में जाकर भी अपनी पात्रता सुनिश्चित करवा सकते हैं।

Pooja Khodani
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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

खबर वह होती है जिसे कोई दबाना चाहता है। बाकी सब विज्ञापन है। मकसद तय करना दम की बात है। मायने यह रखता है कि हम क्या छापते हैं और क्या नहीं छापते। (पत्रकारिता में 12 वर्षों से सक्रिय, इलेक्ट्रानिक से लेकर डिजिटल मीडिया तक का अनुभव, सीखने की लालसा के साथ हर खबर पर पैनी नजर) View all posts by Pooja Khodani →
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