शिमला में कांग्रेस के राज्यसभा सांसद केशवराम बौद्ध ने पार्टी के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा के बयान पर प्रतिक्रिया दी है। दरअसल बौद्ध ने कहा है कि आनंद शर्मा का बयान उनकी निजी राय हो सकती है, लेकिन यह कांग्रेस पार्टी की आधिकारिक लाइन नहीं है। उन्होंने भाजपा पर भी विधायकों की खरीद-फरोख्त और धनबल के इस्तेमाल का गंभीर आरोप लगाया है, साथ ही केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए हैं।

दरअसल यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब खाड़ी देशों में तनाव बना हुआ है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई अहम घटनाएं हो रही हैं। इसी माहौल के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा ने हाल ही में केंद्र की मोदी सरकार की कूटनीति की तारीफ की है। उनके इस बयान को पार्टी के कई नेताओं ने पसंद नहीं किया है और अब केशवराम बौद्ध की प्रतिक्रिया से कांग्रेस के भीतर मतभेद खुलकर सामने आए हैं।

आनंद शर्मा के बयान से पार्टी को अलग बताया

वहीं हिमाचल कांग्रेस कार्यालय में मीडिया से बातचीत के दौरान केशवराम बौद्ध ने आनंद शर्मा के बयान से खुद को और पार्टी को अलग बताया है। उन्होंने कहा है कि उन्हें नहीं पता कि आनंद शर्मा ने किस आधार पर यह बयान दिया है, लेकिन पार्टी का रुख साफ है। उनके मुताबिक कांग्रेस लगातार केंद्र सरकार की उन नीतियों का विरोध करती रही है, जो जनविरोधी हैं और आगे भी ऐसा करती रहेगी। उन्होंने कहा है कि कांग्रेस पार्टी देश के हित में न होने वाली नीतियों के खिलाफ मजबूती से खड़ी है।

बौद्ध ने आगे कहा है कि किसी भी नेता की निजी राय को पार्टी की आधिकारिक विचारधारा नहीं माना जा सकता है। उनके अनुसार कांग्रेस हमेशा से विदेश नीति और राष्ट्रीय मुद्दों पर अपनी स्पष्ट राय रखती रही है, जो जनता के सरोकारों से जुड़ी होती है। आनंद शर्मा के बयान को उन्होंने एक व्यक्ति की राय बताते हुए कहा है कि पार्टी की नीति सामूहिक निर्णय पर आधारित होती है।

केंद्र सरकार के कामकाज पर भी सवाल उठाए

दरअसल केशवराम बौद्ध ने केंद्र सरकार के कामकाज पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा है कि सरकार भले ही देश में सब कुछ ठीक होने के दावे करती है, लेकिन जमीनी स्थिति अलग नजर आती है। उनके अनुसार आम जनता को आज भी कई जरूरी सुविधाएं समय पर नहीं मिल रही हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा है कि देश के कई हिस्सों में लोगों को समय पर गैस सिलेंडर तक नहीं मिल पा रहे हैं, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग के लोग परेशान हो रहे हैं। रसोई गैस की कमी और बढ़ती कीमतों का सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ रहा है। बौद्ध ने चिंता जताई है कि अगर आर्थिक स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो आने वाले समय में देश को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने महंगाई, बेरोजगारी और जरूरी वस्तुओं की बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्र सरकार को घेरा है।

कांग्रेस सांसद केशवराम बौद्ध ने भारतीय जनता पार्टी पर लोकतंत्र और संविधान को कमजोर करने का आरोप भी लगाया है। उन्होंने कहा है कि भाजपा धनबल और बाहुबल का इस्तेमाल करके चुनावी प्रक्रियाओं को प्रभावित कर रही है। हाल ही में हुए राज्यसभा चुनाव का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा है कि भाजपा के पास पर्याप्त संख्या बल नहीं था, इसके बावजूद उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवारों को उतारकर चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश की है।

बौद्ध ने आरोप लगाया है कि भाजपा धनबल और विधायकों की खरीद-फरोख्त के जरिए अपनी जीत सुनिश्चित करती है। उनके अनुसार राज्यसभा में बैठे कई सांसद इसी तरह की राजनीति का परिणाम हैं। उन्होंने कहा है कि यह लोकतंत्र के लिए खतरनाक स्थिति है, जहां संख्या बल की बजाय पैसे के दम पर जनप्रतिनिधियों को प्रभावित किया जाता है। उन्होंने यह भी कहा है कि यह तरीका संविधान की मूल भावना के खिलाफ है और इसे रोका जाना चाहिए।

जहां बौद्ध ने केंद्र सरकार और भाजपा पर सवाल उठाए हैं, वहीं उन्होंने हिमाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार के काम की सराहना की है। उन्होंने कहा है कि राज्य सरकार समान अधिकार और समान विकास की नीति पर काम कर रही है। उनके अनुसार राज्य की जनता को इसका सीधा लाभ मिल रहा है और सरकार जनहित के मुद्दों पर गंभीरता से काम कर रही है।