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शिमला कुफ्टाधार में लैंडस्लाइड, प्लॉट कटिंग से धंसी जमीन ने 3 मकानों को खतरे में डाला, MC कमिश्नर ने काम रोका

Written by:Banshika Sharma
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हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के कुफ्टाधार इलाके में प्लॉट कटिंग के कारण हुए भूस्खलन से तीन मकान खतरे में आ गए हैं। दरअसल घटना के बाद नगर निगम कमिश्नर भूपेंद्र अत्री ने तत्काल निर्माण कार्य पर रोक लगा दी है और सुरक्षा दीवार बनाने के निर्देश दिए हैं।
शिमला कुफ्टाधार में लैंडस्लाइड, प्लॉट कटिंग से धंसी जमीन ने 3 मकानों को खतरे में डाला, MC कमिश्नर ने काम रोका

शुक्रवार को कुफ्टाधार में पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा खिसक गया, जिससे आसपास के तीन मकान खतरे की जद में आ गए। बताया जा रहा है कि एक नई इमारत के निर्माण के लिए की जा रही प्लॉट कटिंग की वजह से जमीन कमजोर हो गई थी। दरअसल इससे पहले गुरुवार को भी यहां जमीन का एक छोटा हिस्सा धंस गया था, जिससे स्थानीय लोगों में डर का माहौल बन गया था।

दरअसल स्थानीय पार्षद सरोज ठाकुर ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि जिन मकानों को खतरा है, उनके नीचे की तरफ एक नए निर्माण के लिए जमीन की कटिंग की जा रही थी। बिना भूवैज्ञानिक जांच और सुरक्षा उपायों के पहाड़ी ढलान पर इस तरह की कटिंग बेहद खतरनाक होती है। इसी वजह से ऊपर बने तीन मकानों की नींव और संरचना पर असर पड़ा है और उनके गिरने का खतरा बढ़ गया है।

इलाके के लोग काफी डरे हुए

वहीं इस घटना के बाद इलाके के लोग काफी डरे हुए हैं। नरेंद्र, तरसेम और रूमराम के मकानों को विशेष रूप से खतरा बताया जा रहा है। मकानों के सामने की पहाड़ी का हिस्सा खिसकने से इन परिवारों को हर समय हादसे का डर सता रहा है। कई लोग सुरक्षित स्थान पर जाने के बारे में सोच रहे हैं। नगर निगम कमिश्नर भूपेंद्र अत्री ने मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित प्लॉट मालिक को नोटिस जारी किया है और निर्माण कार्य तुरंत बंद करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही अधिकारियों को आदेश दिया गया है कि ढलान को मजबूत करने के लिए जल्द से जल्द प्रोटेक्शन वॉल बनाई जाए, ताकि जमीन को सहारा मिल सके और आगे भूस्खलन का खतरा कम हो सके।

भारी बारिश से पहाड़ी मिट्टी कमजोर हो गई

विशेषज्ञों का मानना है कि पिछले एक सप्ताह में शिमला में सामान्य से करीब 380 प्रतिशत अधिक बारिश हुई है। लगातार हुई भारी बारिश से पहाड़ी मिट्टी कमजोर हो गई और उसमें नमी बढ़ने से भूस्खलन की संभावना बढ़ गई। शिमला जैसे पहाड़ी शहरों में अनियोजित निर्माण और बिना उचित जांच के प्लॉट कटिंग बड़ी समस्या बनती जा रही है। ऐसे मामलों में प्रशासन को सख्ती बरतने और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने की जरूरत है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से लोगों की जान और संपत्ति को बचाया जा सके।

Banshika Sharma
लेखक के बारे में
मेरा नाम बंशिका शर्मा है। मैं एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ में कंटेंट राइटर के तौर पर काम करती हूँ। मुझे समाज, राजनीति और आम लोगों से जुड़ी कहानियाँ लिखना पसंद है। कोशिश रहती है कि मेरी लिखी खबरें सरल भाषा में हों, ताकि हर पाठक उन्हें आसानी से समझ सके। View all posts by Banshika Sharma
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