नर्मदापुरम में रविवार शाम ‘वंदे मातरम्’ के कथित अपमान को लेकर सियासी विरोध देखने को मिला। भाजपा संगठन और भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ता हाथों में मशाल लेकर सड़कों पर उतरे।
भाजयुमो जिलाध्यक्ष दीपक महालहा के नेतृत्व में भाजपा जिला कार्यालय से सतरास्ते तक मशाल जुलूस निकाला गया। इस दौरान बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस नेताओं के खिलाफ नारे लगाए और ‘वंदे मातरम्’ के सम्मान को लेकर अपना विरोध दर्ज कराया।
नर्मदापुरम में ‘वंदे मातरम्’ के सम्मान में निकला मशाल जुलूस
रविवार देर शाम भाजपा जिला कार्यालय से मशाल जुलूस शुरू हुआ। हाथों में जलती मशाल लिए कार्यकर्ता सतरास्ते की ओर बढ़े। जुलूस के दौरान कार्यकर्ताओं ने नारे लगाकर अपना विरोध जताया। इस दौरान भाजपा संगठन के पदाधिकारी, भाजयुमो कार्यकर्ता और अन्य कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए।
मशाल जुलूस के जरिए भाजपा ने यह संदेश देने की कोशिश की कि **‘वंदे मातरम्’ केवल एक गीत नहीं है**, बल्कि देश के स्वतंत्रता आंदोलन और राष्ट्रभावना से जुड़ा विषय है। कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय गीत के सम्मान को लेकर अपनी बात रखी और कांग्रेस नेताओं के खिलाफ नाराजगी जाहिर की।
जुलूस में कार्यकर्ताओं का उत्साह भी दिखाई दिया। हाथों में मशाल और देशभक्ति से जुड़े नारों के बीच कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय गीत के सम्मान की मांग उठाई। भाजपा नेताओं ने कहा कि राष्ट्रीय भावना से जुड़े विषयों को राजनीतिक विवाद से अलग रखते हुए सम्मान और मर्यादा के साथ देखा जाना चाहिए।
भाजपा ने कांग्रेस के खिलाफ जताया विरोध
भाजपा कार्यकर्ताओं का आरोप है कि नई दिल्ली स्थित कांग्रेस कार्यालय से सामने आए वीडियो में **‘वंदे मातरम्’ का कथित अनादर** दिखाई देता है। इसी को लेकर भाजपा देश के अलग-अलग हिस्सों में विरोध प्रदर्शन कर रही है। नर्मदापुरम में निकाला गया मशाल जुलूस भी इसी विरोध का हिस्सा रहा।
भाजपा नेताओं ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ भारत के स्वतंत्रता संघर्ष से गहराई से जुड़ा हुआ है। आजादी की लड़ाई के दौरान इस गीत ने लोगों में देशभक्ति और एकता की भावना पैदा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। ऐसे में इससे जुड़े किसी भी कथित अपमान को लेकर लोगों की भावनाएं आहत हो सकती हैं।
राज्यसभा सांसद माया नारोलिया ने क्या कहा?
मशाल जुलूस के दौरान राज्यसभा सांसद माया नारोलिया ने ‘वंदे मातरम्’ के महत्व को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि यह केवल एक गीत नहीं है, बल्कि देश के स्वतंत्रता संघर्ष, राष्ट्रभक्ति और करोड़ों भारतीयों की भावनाओं से जुड़ा राष्ट्रीय भाव है।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस जैसे अवसर पर इससे जुड़े किसी भी प्रकार के कथित अनादर से देशवासियों की भावनाएं आहत हो सकती हैं। उनके अनुसार राजनीतिक दलों और नेताओं को राष्ट्रीय प्रतीकों तथा राष्ट्रीय भावना से जुड़े विषयों का सम्मान करना चाहिए।
भाजयुमो जिलाध्यक्ष बोले- ‘वंदे मातरम्’ देश की आन, बान और शान
भाजयुमो जिलाध्यक्ष दीपक महालहा ने भी प्रदर्शन के दौरान अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ देश की आन, बान और शान से जुड़ा है। उनके मुताबिक राष्ट्रीय भावना और देश के गौरव से जुड़े विषयों पर सभी राजनीतिक दलों को राजनीति से ऊपर उठकर सम्मान और मर्यादा बनाए रखनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि देश के राष्ट्रीय गीत और राष्ट्रीय भावनाओं से जुड़े विषय लोगों के लिए सिर्फ राजनीतिक मुद्दे नहीं हैं। इनके साथ लोगों की भावनाएं और देश के इतिहास की यादें जुड़ी हैं। इसलिए ऐसे मामलों में नेताओं और राजनीतिक दलों से जिम्मेदारी की उम्मीद की जाती है।
नई दिल्ली के वीडियो के बाद गरमाया मामला
दरअसल, स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर नई दिल्ली स्थित ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी कार्यालय से जुड़ा एक वीडियो सामने आया। भाजपा ने इस वीडियो को लेकर ‘वंदे मातरम्’ के कथित अपमान का आरोप लगाया। इसके बाद भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने देश के अलग-अलग हिस्सों में कांग्रेस के खिलाफ प्रदर्शन शुरू किए।
नर्मदापुरम में भी भाजपा ने इसी मुद्दे को लेकर सड़क पर उतरकर विरोध जताया। पार्टी कार्यकर्ताओं का कहना है कि राष्ट्रीय गीत का सम्मान हर भारतीय की जिम्मेदारी है। वहीं इस पूरे मामले में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी शुरू हो गया है।






