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चैत्र नवरात्र से पहले फलों के बढ़ते दामों ने बढ़ाई टेंशन, दुकानदार कर रहे मनमानी

Written by:Bhawna Choubey
Last Updated:
चैत्र नवरात्रि 2025 की शुरुआत से पहले ही फलों के दाम आसमान छूने लगे हैं। बाजार में अचानक हुई इस महंगाई ने उपवास रखने वाले श्रद्धालुओं की टेंशन बढ़ा दी है। दुकानदार मनमाने रेट वसूल रहे हैं, जिससे लोग मजबूरन ज्यादा कीमतों पर फल खरीदने को मजबूर हैं।
चैत्र नवरात्र से पहले फलों के बढ़ते दामों ने बढ़ाई टेंशन, दुकानदार कर रहे मनमानी

Chaitra Navratri 2025: चैत्र नवरात्रि का पावन त्योहार शुरू होने में अब सिर्फ़ कुछ दिन बाक़ी है। नवरात्रि के इन नौ दिनों में श्रद्धालु बड़े ही श्रद्धा भाव से उपवास रखते हैं, उपवास के दौरान फलाहार किया जाता है। क्योंकि शास्त्रों के अनुसार फल शुद्ध सात्विक और ऊर्जा से भरपूर होते हैं। लेकिन क्या हो जब फलों को ख़रीदना ही भारी पड़ जाए, क्या हो अगर फल ख़रीदने से बजट गड़बड़ा जाए। जी हाँ, नवरात्रि के पहले ही फलों के दामों ने उछाल कूद शुरू कर दी है।

दरअसल, शिमला में नवरात्र लिए आगमन से पहले ही फलों की क़ीमतों में भारी उछाल आ गया है। पिछले दस दिनों में फलों के दाम 20-30 प्रतिशत तक बढ़ चुके हैं, जिससे आम लोगों के लिए फल ख़रीदना मुश्किल हो गया है। नवरात्रि के दौरान ज़्यादातर श्रद्धालू उपवास रखते हैं और वे फलों पर निर्भर रहते हैं, यही कारण है कि नवरात्रि आने से पहले ही इनकी माँगें काफ़ी हद तक बढ़ चुकी है।

बढ़ती माँग से कीमतों में उछाल

नवरात्रि के दौरान मंदिरों में प्रसाद चढ़ाने के लिए भी फलों की खपत बढ़ती है, जिसका फ़ायदा उठाकर विक्रेता मनमाने दाम वसूल रहे हैं। बाज़ार में फलों की आपूर्ति सीमित होने और माँग अधिक होने के कारण दामों में और अधिक वृद्धि की आशंका जतायी जा रही है।

दुकानदारों की मनमर्जी से बढ़ी कीमतें

आपको बता दें, शिमला की सब्ज़ी मंडी में फलों के दाम फिर भी कम है। लेकिन जैसे ही आप उपनगरीय इलाकों की तरफ़ बढ़ते हैं क़ीमतों में 10-20 रुपये तक आसानी से देखने को मिल सकता है। आपको लग रहा होगा कि शायद यह अंतर दूरी का है, लेकिन नहीं यह अंतर सिर्फ़ दूरी का नहीं बल्कि दुकानदारों की मनमर्ज़ी का भी हैं। अधिकतर फल विक्रेताओं ने अपनी दुकानों पर कोई मूल्य सूची नहीं लगायी है जिसे वे ग्राहकों से मनचाही दाम वसूल रहे हैं।

कब से शुरू होगी चैत्र नवरात्रि?

साल 2025 में चैत्र नवरात्रि का त्योहार 30 मार्च से शुरू हो रहा है और इसका समापन 6 अप्रैल तक चलेगा। सबसे ख़ास बात यह है कि इस बार पंचमी तिथि का क्षय होने के कारण अष्टमी और महानवमी का दुर्लभ संयोग बन रहा है, जिसके चलते नवरात्रि में माता के नौ स्वरूपों की पूजा महज़ 8 दिनों में ही पूरी हो जाएगी। आपको बता दें, इस बार माँ दुर्गा हाथी पर सवार होकर आ रही है।

Bhawna Choubey
लेखक के बारे में
मुझे लगता है कि कलम में बहुत ताकत होती है और खबरें हमेशा सच सामने लाती हैं। इसी सच्चाई को सीखने और समझने के लिए मैं रोज़ाना पत्रकारिता के नए पहलुओं को सीखती हूँ। View all posts by Bhawna Choubey
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