इंदौर बना विश्वव्यापी प्रार्थना केंद्र, कोरोना से ग्रस्ति एवं बचाव के लिए 29 देशों ने शामिल होकर की प्रार्थना

इंदौर बना विश्वव्यापी प्रार्थना केंद्र, कोरोना से ग्रस्ति एवं बचाव के लिए 29  देशों ने शामिल होकर की  प्रार्थना

इंदौर। आकाश धौलपुरे. कोरोना वायरस से विश्व मे त्राहि त्राहि और भय का माहौल बना हुआ है। अधिकांश देश के नागरिक अपने अपने घरों में है और अपने आप का बचाव कर रहे है। इस वैश्विक महामारी के लिए इंदौर के अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त डिवाइन एस्ट्रो हीलर कृष्णा गुरुजी ने विश्व व्यापी प्रार्थना सभा आयोजित की।

इंदौर में कोरोना से बचाव के लिए आयोजित प्रार्थना सभा मे विश्व के 29 से अधिक देशों के साथ सयुंक्त प्रार्थना में भाग लिया। प्रार्थना ऑनलाइन हुई जिससे कोरोना से बचाव के लिए प्रार्थना की गई और इसकी खासियत ये रही कि कोई भी किसी के भी संपर्क में नही आया। प्रार्थना में कोरोना वायरस से ग्रस्त लोगो के स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना की गई जिसकी शुरुआत अलग अलग देशों के राष्ट्र गान के साथ हुई । प्रार्थना सभा के बाद सभी देश के लोगो ने ने कोरोना वायरस से बचाव के अपने -अपने अनुभव बताएं। कृष्णगुरुजी के सानिध्य में सामूहिक प्रार्थना में कोरोना वायरस से ग्रस्त लोगों के स्वस्थ होने की एवं विश्व शांति की प्रार्थन की गई। इसमे भारत के साथ अमेरिका, कनाडा, बुल्गारिया,ऑस्ट्रेलिया, इटली, चीन, नेपाल, हांगकांग, दुबई, ईरान, डेनमार्क, चिली, बेल्जियम, स्विजरलैंड, पाकिस्तान, नेपाल, मलेशिया अन्य देश शामिल हुए।

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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