इंदौर में फिर मिले 53 पॉजिटिव, संक्रमितों का आकड़ा 1780 पहुंचा, 87 की मौत

इंदौर में फिर मिले 53 पॉजिटिव, संक्रमितों का आकड़ा 1780 पहुंचा, 87 की मौत

इंदौर। आकाश धोलपुरे

मध्यप्रदेश(madhya pradesh) के इंदौर में कोरोना (corona) संक्रमित मरीजों की संख्या में लगातार उछाल देखने को मिल रही है। शुक्रवार देर तक प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक इंदौर में कोरोना से 53 अन्य संक्रमित(infectitious) मरीज मिले है। जिसके साथ ही इंदौर में पॉजिटिव(positive) मरीजों की संख्या बढ़कर 1780 हो गई है। वही दो लोगों की मौत के बाद अब इस बीमारी से मरने वाले की संख्या 87 पहुंच गई है। हालांकि राहत की बात यह है कि आज इंदौर के अलग-अलग अस्पतालों (hospitals)से 69 लोग स्वस्थ हो डिस्चार्ज किए गए हैं।

दरअसल शुक्रवार को अाई रिपोर्ट में 1407 रिपोर्ट की जांच के बाद 53 लोग की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। वही 1354 रिपोर्ट(report) नेगेटिव(negative) प्राप्त हुई है। बता दे कि शुक्रवार को कुल 1611 सैंपल(sample) प्राप्त हुए। जिनमें से 1407 रिपोर्ट की जांच की गई थी। इसी के साथ जिले में अब तक 12744 सैंपल की जांच की गई है। वही आज एक मरीज की मौत के बाद जिले में कोरोना पॉजिटिव मरीजों की मृत्यु का आंकड़ा 87 से पहुंच गया है। हालांकि राहत की बात यह है कि आज इंदौर के अलग-अलग अस्पताल से 69 लोग कोरोना को मात देकर अपने घर लौट चुके हैं। इसी के साथ जिले में अब तक 732 लोग स्वस्थ हो डिस्चार्ज किए गए हैं। वही 961 पॉजिटिव मरीजों का इलाज इंदौर के अलग-अलग अस्पताल में चल रहा है।

वहीं इससे पहले गुरुवार देर रात 28 लोगों की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव(corona positive) आई थी। जिसके साथ ही जिले में संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़कर 1727 पहुंच गई थी। वहीं अब तक 86 लोगों की इस संक्रमण की चपेट में आने से मौत हो गई थी। वहीँ गुरुवार को 63 लोग कोरोना को मात देकर अपने घर पहुंचे थे।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews