87 साल की वृद्धा ने दी कोरोना को मात, डॉक्टर्स भी रह गए हैरान

87 साल की वृद्धा ने दी कोरोना को मात, डॉक्टर्स भी रह गए हैरान

इंदौर, आकाश धोलपुरे। कहते है जिसका आत्मबल बड़ा होता है वो कठिन से कठिन डगर भी पार कर लेता है। कुछ ऐसा ही इंदौर में देखने को मिला। सुदामा नगर में रहने वाली 87 वर्षीय उमा शर्मा ने 14 दिनों तक कोरोना की जंग बुलंद हौंसलों के साथ लड़ी और आखिर में वो कोरोना को परास्त कर अपने घर लौट आईं।

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उमा शर्मा को 14 दिन पहले अचानक बुखार आया और उसके बाद उनकी कोविड जांच में वो पॉजिटिव निकलीं। इसके बाद उनके बेटे शैलेंद्र शर्मा उन्हें इलाज के लिए इंडेक्स हॉस्पिटल ले गए जहां उन्हें बेड भी मिल गया। लेकिन 2 दिन बाद फैमिली डॉक्टर से सलाह लेने के बाद उमा शर्मा को सुदामा नगर रिंग रोड स्थित आर्यन हॉस्पिटल लाया गया। जहां आईसीयू तो नही लेकिन सेमी प्रायवेट रूम में उन्हें बिस्तर के साथ ही ऑक्सीजन पर रखा गया। लेकिन उनकी उम्र और रिपोर्ट देखकर फैमली डॉक्टर और आर्यन अस्पताल प्रबंधन ने कहा कि उम्मीद बहुत कम है। लेकिन कहते है ना जीने की इच्छाशक्ति और मजबूत आत्मविश्वास के साथ ईश्वर की आस हो तो बुरे से बुरा समय निकल जाता है। ऐसी ही श्रद्धा और मजबूत विश्वास के साथ उमा शर्मा लगातार ॐ नमः शिवाय का जाप करती रहीं और इलाज से बेहतर होती गईं। आखिरकार 14 दिन बाद वो ठीक हो गईं और डॉक्टरों ने उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी।

हालांकि इस दौरान उनके बेटे शैलेंद्र शर्मा ने भी आस छोड़ दी थी। उन्होने बताया कि डॉक्टरों के जवाब देने के बाद वो भी हिम्मत खो चुके थे। लेकिन उनकी माँ ने आखिरकार कोरोना को मात दे दी क्योंकि उनकी जिद जीने की थी जिसके चलते कोरोना भी हार गया और डॉक्टर्स भी हैरान रह गए। वहीं कोरोना को हराकर लौटीं उमा शर्मा ने बताया कि उनकी आस्था भगवान भोलेनाथ पर है और वो अस्पताल में लगातार ॐ नमः शिवाय का जप करती रहीं। वो अस्पताल में भी सभी लोगों को हिम्मत न हारने की सलाह देती थी। इलाज के दौरान ही हनुमान जयंती पर उनका जन्मदिन पड़ा और नर्सिंग स्टॉफ ने उनका जन्मदिन भी मनाया।

आर्यन हॉस्पिटल के प्रबंधक डॉक्टर दीपक जोशी ने बताया कि बुजुर्ग महिला जब आई थी तब वह बहुत ही क्रिटिकल थी। एक समय तो लगा था कि वो नहीं बच पाएंगी लेकिन कुछ समय बीत जाने के बाद उनकी इच्छाशक्ति और डॉक्टर और नर्सिंग स्टॉफ की मेहनत से उन्होंने कोरोना वायरस को मात देने में कामयाबी हासिल की। उन्होंने बताया कि वह दिखने में कमजोर है लेकिन लगातार आसपास के मरीजों का उत्साहवर्धन करती थी और रामायण की चौपाई गाती रहती थीं। कोरोना से जंग जीतकर घर लौटी 87 वर्षीय उमा शर्मा अब पूरी तरह से स्वस्थ हैं और उनके विश्वास और आस्था की कहानी अब अन्य लोगों में भी उम्मीद जगा रही है।

Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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