
इंदौर| आकाश धोलपुरे| कमलनाथ सरकार गिरने के कारण बने कांग्रेस से भाजपा में आये पूर्व विधायकों का यह फैसला सही था या गलत यह उपचुनाव में तय हो जाएगा| लेकिन उपचुनाव से पहले ही उन्हें लोगों की नाराजगी का सामना करना पड़ रहा है| इंदौर में एक महिला के तीखे सवाल पर मंत्री सिलावट असहज हो गए|
कांग्रेस छोड़ भाजपा में आये ज्योतिरादित्य सिंधिया के कट्टर समर्थक मंत्री तुलसी सिलावट को एक बैठक में महिला ने खरी खरी सुना दी| जिसका वीडियो वायरल हो रहा है| महिला ने मंत्री तुलसी सिलावट कर्जमाफी पर सवाल करते हुए कहा कि जो सिंधिया जी कल तक कर्ज़ माफ़ी का ट्विट किया करते थे, आज उसी पर सवाल क्यों उठा रहे है| वहीं महिला ने यह भी पुछा कि अच्छी ख़ास चल रही कमलनाथ सरकार को गिराने के बाद आपको कैसा लग रहा है| महिला के सवाल पर मंत्रीजी असहज हो गए|
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Gaurav Sharma
निदेशक और संपादक
पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है।
इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →

