भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष जीतू जिराती हादसे के शिकार, अस्पताल में भर्ती

भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष जीतू जिराती हादसे के शिकार, अस्पताल में भर्ती

इंदौर| आकाश धोलपुरे| पूर्व विधायक व बीजेपी प्रदेश उपाध्यक्ष जीतू जिराती (Jeetu Jirati) हादसे (Accident) के शिकार हो गए| वे फिसलने से घायल हो गए है, बताया जा रहा है कि जीतू अपने दोस्त के पिता की पुण्यतिथि में शामिल होने मांडू गए थे, जहां पर सीढ़ियों से उतरते समय उनका पैर फिसल गया, जिससे वो घायल हो गए है।

जीतू जिराती को इंदौर (Indore) के यूनिक अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। सूचना मिलते ही भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय समेत कई बड़े नेता अस्पताल पहुंचे। वहीं सोशल मीडिया पर भी भाजपा नेताओं द्वारा उनके स्वास्थ लाभ की कामना की गई| अस्पताल पहुंचे विजयवर्गीय ने कहा कि जीतू को गंभीर चोट आई है। दो-तीन हडि्डयां टूटी हैं। डॉक्टर उनका ऑपरेशन कर रहे हैं। दो तीन महीने आराम करना होगा।

जानकारी के मुताबिक भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष जीतू जिराती हादसे के शिकार हो गये । जीतू जिराती मांडू में दोस्त के पिता की पुण्यतिथि में शामिल होने गए थे। लौटते समय जब वे घर की सीढ़ियां उतर रहे थे, उसी दौरान उनका बैलेंस बिगड़ा और वे सीढ़ी से नीचे गिर गए। कमर के बल गिरने से उनकी जांघ की हड्डी में गंभीर चोट आई है। हादसे के बाद जिराती को अस्पताल ले जाया गया जहां उनका इलाज जारी है। बता दें भाजपा ने जीतू जिराती को हटपीपलिया उपचुनाव का प्रभारी बनाया है।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews