इंदौर में सड़क हादसा, बाल-बाल बचे डॉक्टर

इंदौर में सड़क हादसा, बाल-बाल बचे डॉक्टर

इंदौर| आकाश धोलपुरे| इंदौर (Indore) में कोरोना (Corona) में ड्यूटी देने के बाद CMHO ऑफिस से होटल की ओर लौट रहे एक डॉक्टर को तेज गति से आ रही कार ने टक्कर मार दी| जिसके बाद मौके पर हड़कम्प मच गया और लोगो ने डॉक्टर को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने कार ड्रायवर को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

दरअसल, सड़क दुर्घटना (Road Accident) का मामला शहर के हाईकोर्ट चौराहे का है जहां अंधगति से एक कार ने बाइक सवार डॉक्टर को जमकर टक्कर मार दी टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक कार के नीचे दब गई वो तो गनीमत ये रही कि बाइक सवार डॉक्टर की जान बच गई। दुर्घटना में बाइक सवार डॉक्टर वेदांत पटेल को सीधे हाथ की ओर गंभीर चोंट पहुंची है। डॉक्टर वेदांत ने बताया कि वो सीएमएचओ ऑफिस से होटल जा रहे थे तब हाईकोर्ट चौराहे पर रांग साइड से आ रही कार ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी थी। इधर, घटना की सूचना पर तुकोगंज पुलिस मौके पर पहुंची और कार चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ कर कार्रवाई शुरू कर दी है। हादसे मे बुरी तरह से घायल डॉ. वेदांत पटेल को इलाज के लिये अस्पताल ले जाया गया है। बता दे कि शहरभर में लॉक डाउन के बाद से ही कई सड़को पर दो साइड की बजाय एक साइड का ही रास्ता चालू रखा गया है बावजूद इसके खाली सड़क पर तेजी से वाहन चलाने वालों की कमी नही है और बेतरतीब तरीक़े से वाहनों को दौड़ाया जा रहा है जिसका ध्यान पुलिस को तो रखना ही है साथ ही उन लोगो को भी जो जरूरी सेवाओ की दृष्टि से सड़क पर निकल रहे है। आज हुई सड़क दुर्घटना में गनीमत ही रही कि डॉक्टर की जान बच गई है जो एक राहत की बात है।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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