इंदौर से मुंबई जा रही बस में अचानक हुआ धमाका, फिर लगी आग, खतरे में पड़ी यात्रियों की जान

इंदौर से मुंबई जा रही बस में अचानक हुआ धमाका, फिर लगी आग, खतरे में पड़ी यात्रियों की जान

इंदौर/धार, आकाश धोलपुरे| इंदौर (Indore) से मुंबई (Mumbai) जा रही निजी ट्रेवल्स की एक बस (Private bus) में सवार यात्रियों की जान उस वक्त आफत में पड़ गई, जब अचानक बस में विस्फोट हुआ और फिर धुएं के गुबार के साथ आग की लपटें उठने लगीं। धमाके और आग लगते ही बस में अफरा तफरी मच गई| गनीमत रही कि यात्री घबराकर उठ गए और तुरंत सावधानी के साथ अपने सामान सहित बस से नीचे उतर गए।

दरअसल, घटना रविवार-सोमवार की दरमियानी रात की है, जब धार जिले के धामनोद शहर के बाहर से गुजर रहे राऊ-खलघाट फोरलेन पर इंदौर से मुंबई जा रही निजी ट्रेवल्स की बस में धमाके के साथ आग लग गई| बस में सो रहे यात्री अचानक हुए धमाके के बाद जागे और किसी तरह सामान लेकर नीचे की ओर भागे।

घटना की सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियां और धामनोद पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंचे और आग पर काबू पाया| गनीमत रही कि इस घटना में किसी भी यात्री को कोई नुकसान नहीं हुआ| आग से करीब-करीब बस का आधा हिस्सा जल गया। राहतभरी बात यह रही कि समय पर सभी लाेग बस से नीचे आ चुके थे।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews