नगर निगम के खिलाफ ABVP ने खोला मोर्चा, इंदौर में DAVV के मुख्य द्वार पर दिया धरना

छात्र नेताओं ने कहा कि लगभग एक साल पहले निगम कमिश्नर को ज्ञापन दिया था अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई इसलिए प्रदर्शन का रास्ता अपनाया है।
ABVP protest at DAVV gate

ABVP protest at DAVV gate

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् यानि ABVP ने आज मंगलवार को नगर निगम के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए DAVV यानि देवी अहिल्या बाई विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर प्रदर्शन किया और धरना दिया, विद्यार्थी परिषद् के कार्यकर्ता बसों के किराये में वृद्धि को वापस लेने, गेट के सामने टूटे स्पीड ब्रेकर सही कराने, गर्ल्स हॉस्टल के पास की रोड पर कैमरा और लाइट की व्यवस्था की मांग कर रहे थे।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् के छात्र नेता आज इकट्ठा होकर देवी अहिल्या बाई विश्वविद्यालय के खंडवा रोड स्थित मुख्य परिसर के बाहर पहुंचे और प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की, उन्होंने नगर निगम के अधिकारियों पर उनकी मांगों की अनदेखी करने के आरोप लगाये, प्रदर्शनकारी छात्रों ने कहा हम तब तक नहीं उठेंगे जब तक निगम अधिकारी यहाँ आकर कोई ठोस आश्वासन नहीं देते।

उग्र आंदोलन की दी चेतावनी 

एबीवीपी के महानगर मंत्री देवेश गुर्जर ने कहा हम एक साल पहले भी निगम कमिश्नर को ज्ञापन दे चुके और विद्यार्थियों की समस्या बता चुके लेकिन कोई एक्शन नहीं हुआ, आज भी छात्र परेशान हैं इसलिए अब प्रदर्शन कर रहे हैं उन्होंने चतावनी दी कि यदि छात्रों की मांगें नहीं मानी गई तो फिर कोई बड़ा कदम विद्यार्थी परिषद् उठाएगी।

ABVP की प्रमुख मांगें 

  • छात्र नेताओं ने  मांगें बताते हुए कहा कि पहले बस पास का किराया 200 रुपये था जिसे बढ़ाकर 600 रुपये कर दिया गया है इसे वापस लिया जाये।
  • स्कूल ऑफ़ फार्मेसी के पास सिटी बस स्टॉप बने अजय अभी बस एक किलोमीटर दूर उतार देती है जिससे पैदल चलकर विद्यार्थी को जाना पड़ता है।
  • DAVV सहित सभी कॉलेजों के गेट के बाहर लगे स्पीड ब्रेकर टूट चुके हैं जिससे विद्यार्थी दुर्घटना का शिकार हो रहे हैं इन्हें सही कराया जाये।
  • गर्ल्स होस्टल के पास वाली सड़क पर कैमर और लाईट की व्यवस्था की जाए क्योंकि अँधेरा होने से असुविधा होती है लड़कियां असुरक्षित महसूस करती हैं।

शकील अंसारी की रिपोर्ट 

Atul Saxena
लेखक के बारे में
Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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