
इंदौर के लसुड़िया पुलिस ने एक शातिर वाहन चोर गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पकड़े गए आरोपियों से 34 मोटरसाइकिल बरामद की गई हैं। पकड़े गए आरोपियों ने देवास के पीपलरवा के रहने वालों से मोटरसाइकिल चोरी करने का तरीका सिखा था। आरोपियों ने शहर के अलग-अलग थाना क्षेत्र से और देवास से मोटरसाइकिल चुराना कबूल किया है, बरामद किए गए वाहनों की कीमत लाखों रुपए है
पुलिस ने एक ऐसा वाहन चोर गिरोह गिरफ्तार किया है जो ऑर्गेनाइज्ड तरीके से गिरोह का संचालन कर रहा था, आरोपियों ने पहले अपने से बड़े शातिर गिरोह से बाइक चोरी करना सीखा फिर उसी तरीके को अपनाकर गाड़ियाँ चोरी करना शुरू की, पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की 34 बाइक के अलावा बड़ी संख्या में औजार जब्त किये हैं
डीसीपी हंसराज सिंह ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया वाहन कि पकड़े गए आरोपी वाहन चोरी करने के बाद उन्हें आसपास के खंडहरों में छुपा देते थे और ऑर्डर मिलने पर उन्हें सस्ते दामों पर बेच दिया करते थे। उन्होंने काह लसुड़िया पुलिस ने स्कीम नंबर 136 पर से दो बदमाश अभिषेक और कैलाश उर्फ गोलू मालवीय को एक मोटरसाइकिल और एक चाकू के साथ गिरफ्तार किया था।
जब दोनों बदमाशों से जब पूछताछ की तो इनके कंजर गिरोह के शातिर चोरों से इनके संबंध निकले। यह आरोपी बीते एक दो वर्षों से इंदौर देवास के अलग-अलग स्थान से कई मोटरसाइकिल चोरी कर रेह थे। वही पूछताछ में इन्होंने अपने अन्य साथियों के साथ अलग-अलग स्थान से मोटरसाइकिल चोरी करना बताया। जिसके आधार पर उनके तीन अन्य साथियों को भी गिरफ्तार किया है।
ये है बाइक चोरी का तरीका
आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वह अपने पास एक चाकू रखते थे। वह बाजार में खड़ी मोटरसाइकिल के वायर काटकर उसे चुरा लेते थे और आसपास की सार्वजनिक पार्किंग में स्थान में खड़ी कर देते थे। जिसके बाद मौका मिलते ही उसे सुनसान इलाके में ले जाकर रख दिया करते थे और ऑर्डर मिलने पर उसे बेच दिया करते थे।
ऑर्डर पर चुराते थे वाहन, बदल देते थे इंजन नंबर, चेसिस नंबर
डीसीपी ने बताया कि ये लोग ऑर्डर पर भी चोरी करते थे और चोरी किये गए वाहनों को ऑर्डर पर बेचते थे, वाहन चुरा कर ये उनके इंजन नंबर, चेचिस नंबर मिटाकर उन पर फर्जी इंजन नंबर और चेसिस नंबर चढ़ा देते थे। पकड़े गए आरोपियों में अभिषेक, कैलाश उर्फ गोलू, राहुल चौहान, अनिल पनवार और जितेंद्र उर्फ जेनपाल शामिल हैं। पुलिस इनका पीआर लेकर इनसे अन्य चोरियों के सम्बन्ध में पूछताछ करेगी।
वाहन मालिकों का पता लगाएगी पुलिस
पुलिस ने बताया कि अब चोरी की बरामद गाड़ियों से संबंधित थानों में चोरी की रिपोर्ट के आधार पर उनके मालिकों का पता लगाकर उन्हें सौंपा जायेगा और इस गिरोह के और साथियों के बारे में जानकारी जुटाई जाएगी साथ ही देवास के उस गिरोह पर शिकंजा कसा जायेगा जिनके संपर्क में आकार ये इंदौर में चोरियां करते थे।
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इंदौर से शकील अंसारी की रिपोर्ट
पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

