Indore News : व्यापारी के साथ 25 लाख रुपये की ठगी, बैग बदलकर आरोपी फरार, पुलिस ने दर्ज किया मामला

व्यापारी अंकुर शर्मा  ने रामचंद्र मलिक और अनिल कुमार को फोन लगाया तो वो बंद मिला,  व्यापारी होटल पहुंचा, लेकिन तब तक दोनों आरोपी चेकआउट कर फरार हो चुके थे।
Vijayanagar Police Station, Indore

Vijayanagar Police Station, Indore

इंदौर के विजयनगर थाना क्षेत्र में व्यापार के नाम पर 25 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि फाइबर मैट का सौदा करने के बहाने दो लोगों ने व्यापारी को होटल में बुलाया और चालाकी से रुपयों से भरा बैग बदलकर फरार हो गए। जब व्यापारी माल लेने ट्रांसपोर्ट नगर पहुंचा, तब उसे ठगी का पता चला। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

एसीपी पराग सैनी ने बताया कि लसुडिया थाना क्षेत्र की सिंगापुर टाउनशिप में रहने वाले व्यापारी अंकुर शर्मा की सितंबर में रामचंद्र मलिक और अनिल कुमार नाम के दो लोगों से पहचान हुई थी। दोनों ने खुद को मुंबई का निवासी बताते हुए फाइबर मैट के व्यापार का सौदा किया था।

दोनों ने अंकुर से 25 लाख रुपये में फाइबर मैट का सौदा तय किया था, ये  11 अक्टूबर को विजयनगर क्षेत्र के एक होटल में आते हैं फिर अंकुर से संपर्क कर उसे होटल बुलाते हैं,अंकुर उन्हें रुपयों से भरा बैग देता है दोनों पैसे गिनते हैं और अंकुर को भरोसे में लेकर कहते हैं कि हम आपको बैग अभी लौटा रहे हैं।

चालाकी से बदलकर दूसरा बैग थमाया  

अंकुर जब उनके भरोसे में आगया तो उन्होंने बड़ी चालाकी से बैग बदल दिया और दूसरा बैग थमा दिया, कथित व्यापारियों ने अंकुर से कहा कि वो ट्रांसपोर्ट नगर जाकर फाइबर मैट की डिलीवरी ले सकता है लेकिन जब अंकुर ट्रांसपोर्ट नगर पहुँचा और उसने बैग खोला तो दंग रह गया बैग में पैसे नही थे।

होटल से चेकआउट कर फरार गए ठग 

अंकुर शर्मा  ने रामचंद्र मलिक और अनिल कुमार को फोन लगाया तो वो बंद मिला,  व्यापारी होटल पहुंचा, लेकिन तब तक दोनों आरोपी चेकआउट कर फरार हो चुके थे। उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है,  शिकायत के बाद विजयनगर पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

शकील अंसारी की रिपोर्ट 

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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