अच्छी खबर: सीएम डॉ मोहन यादव की बड़ी घोषणा, अब किसानों को दिन में भी मिलेगी बिजली

मुख्यमंत्री ने कहा प्रदेश में जब सड़कें बन गई हैं तो उसपर बस भी चाहिए, जल्दी ही गाँव गाँव तक सरकारी बस पहुंचेंगी जिससे किसानों को शहर जाने में कोई तकलीफ नहीं होगी। 
Balram Krishi Mahotsav 2026

Balram Krishi Mahotsav 2026

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने आज इंदौर में ‘किसान कल्याण वर्ष’ के अंतर्गत आयोजित ‘बलराम कृषि महोत्सव-2026’ का शुभारंभ किया। डॉ. यादव ने इस अवसर पर भगवान बलराम की प्रतिमा का अनावरण किया। साथ ही उन्होंने कृषि क्षेत्र में नवाचार करने वाले किसानों को सम्मानित किया तथा मेधावी विद्यार्थियों को प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री ने अनाज मंडी में हल का पूजन कर किसानों के प्रति सम्मान प्रकट किया।

डॉ मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार किसान, महिला, युवा और गरीबों के कल्याण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। पिछले वर्ष को हमने उद्योग एवं रोजगार वर्ष एक रूप में मनाया और प्रदेश में देश विदेश से निवेश आया इस वर्ष को हम किसान कल्याण वर्ष एक रूप में मना रहे हैं, यह बदलते दौर का मध्यप्रदेश है, हमारी सरकार हर वर्ग के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।

अब दिन में मिलेगी बिजली, रात का संकट ही खत्म 

मुख्यमंत्री ने कहा प्रदेश में जब सड़कें बन गई हैं तो उसपर बस भी चाहिए, जल्दी ही गाँव गाँव तक सरकारी बस पहुंचेंगी।  उन्होंने कहा हमारी सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है, फसल के माध्यम से भी प्रयास किये जा रहे हैं।  उन्होंने कहा मैं जनता हूँ फसल के लिए बिजली चाहिए तो जल्दी ही अगली फसल से किसानों को दिन में भी बिजली उपलब्ध कराई जाएगी जिससे उनका रात की बिजली का संकट खत्म हो जायेगा।

अल्पावधि फसल ऋण 31 मार्च को चुकाने की बाध्यता खत्म कर दी गई है

मुख्यमंत्री ने कहा इस साल हमने 2625 रुपये प्रति क्विंटल MSP पर गेहूं ख़रीदा, 20 साल की हमारी सरकार ने 2000 रुपये भाव बढ़ाया, डॉ मोहन यादव ने कहा अब किसानों को अल्पावधि फसल ऋण 31 मार्च को चुकाने की बाध्यता खत्म कर दी गई है, यदि आपने जून में इस साल ऋण लिया है तो अगले साल जून में जमा करना कोई आपको परेशान नहीं करेगा।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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