इंदौर में बेलगाम हुआ कोरोना, फिर लगा संक्रमितों का शतक, 2 की मौत

indore

इंदौर,आकाश धोलपुरे

पूर्ण रूप से खुले इंदौर में कोरोना ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। बीते एक माह के जो सरकारी आंकड़े सामने आए है उससे लग रहा है कि अब इंदौर में कोरोना के मामले में लोगो को और भी ज्यादा सतर्क हो जाना चाहिए। जानकारों की माने तो इंदौर में एसिंटोमेटिक लक्षण वाले कोरोना संक्रमितों से खतरा ज्यादा बढ़ गया है जिसका सीधा मतलब है कि कोई व्यक्ति में कोरोना के प्रमुख लक्षण जैसे सर्दी, खासी या बुखार नही है फिर भी वो कोरोना संक्रमित होता है और जब जांच करवाई जाती है तो पता चलता है कि वो कोरोना संक्रमित पाया जाता है। बिना लक्षण के मरीजों का पाया जाना भी कोरोना संक्रमण के फैलने की एक बड़ी वजह के रूप में सामने आ रही है।

बहरहाल, हम कोरोना की ताजा अपडेट्स के बारे में बात करे तो इंदौर में मंगलवार रात को जारी रिपोर्ट के अनुसार कोरोना ने एक बार फिर से पॉजिटिव केस के मामले में शतक लगाया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय जिला इंदौर द्वारा जारी की गई रिपोर्ट के मुताबिक इंदौर में मंगलवार को 122 नए कोरोना संक्रमित सामने आए हैं जिसके बाद अब कुल कोरोना पॉजिटिव मरीजो की संख्या 7857 तक जा पहुंची है। इन्ही पॉजिटिव मरीजो के आंकड़े में 1851 इलाजरत (एक्टिव केस) मरीज शामिल है। वही मंगलवार को 22 लोगो ने कोरोना को मात दी है और अब वो स्वस्थ हो चुके है जिसके बाद डिस्चार्ज किये कुल मरीजो का आंकड़ा 5684 तक पहुंच गया है। रिकवरी रेट में ये सुधार इंदौर के लिये राहत की बात है। मेडिकल बुलेटिन के अनुसार मंगलवार को 2 लोगो ने कोरोना के कारण अपनी जान गंवा दी जिसके चलते कोरोना से मृत्यु की संख्या 322 तक जा पहुंची है। मंगलवार को 987 नए सैम्पल स्वास्थ्य विभाग को प्राप्त हुए है और विभाग की लैब में मंगलवार को 1978 सैम्पल टेस्ट किये गए थे जिनमें से 1844 सैम्पल की रिपोर्ट निगेटिव आई है वही 12 रिपीट पॉजिटिव सैम्पल के साथ मंगलवार को कुल 122 पॉजिटिव मरीज सामने आए है। बता दे कि अब तक इंदौर में कुल 1 लाख 45 हजार 513 लोगो के सैम्पल लिए जा चुके है।

फिलहाल, कोरोना से बचने के उपाय मास्क, सेनेटाइजर और सोशल डिस्टेंसिंग ही है जो आपको और आपके अपनो को अस्पताल तक नही पहुंचने देते है ऐसे सतर्क रहें और सुरक्षित रहे है प्रशासन के दिशा निर्देशों का पालन करे। प्रशासन भी लगातार लोगो से सतर्क और सुरक्षित रहने की अपील कर रहा है।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews