इंदौर में बढ़ता कोरोना का कहर, एक और कोरोना वॉरियर की मौत

इंदौर में बढ़ता कोरोना का कहर, एक और कोरोना वॉरियर की मौत

इंदौर, आकाश धोलपुरे| प्रदेश में कोरोना (Corona) के कारण इंदौर (Indore) पर लगातार आफत बढ़ रही है और अब तो आलम ये है कि हर रोज 200 से ज्यादा संक्रमित मरीज सामने आ रहे है। जिस माह मार्च माह में कोरोना के संक्रमित मामले 3 हजार के करीब थे और 105 के करीब लोगो की मौत हुई थी लेकिन अब स्थिति बिल्कुल अलग हो गई है। वही कोरोना वारियर्स की मौत का सिलसिला भी लगातार जारी है। इंदौर में हाल ही निगम दरोगा जगदीश करोसिया की जान कोरोना के चलते हो गई थी और उनकी मौत को अभी एक सप्ताह भी नही बीता की इंदौर के एमटीएच अस्पताल (MTH Hospital) में कोविड मरीजो की सेवा करने में लगी स्वास्थ्यकर्मी शालिनी नामक नर्स की जान भी कोरोना के चलते चली गई है।

जानकारी के मुताबिक एमटीएच अस्पताल में सेवारत स्वास्थ्यकर्मी शालिनी का कोरोना महामारी से दुखद निधन हो गया है। सहकर्मियों के मुताबिक शालिनी कर्तव्यनिष्ठ नर्स थी और मरीजों की सेवा के दौरान वो भी कोविड-19 का शिकार हो गई थी। इंदौर में कोविड के नोडल अधिकारी डॉक्टर अमित मालाकार ने नर्स की मौत की पुष्टि करते हुए बताया की कोविड -19 के प्रारंभिक दौर से ही शालिनी एमटीएच अस्पताल में आईसीयू में कार्यरत रही है और उन्हें जब भी जो भी ड्यूटी दी गई उसे उन्होंने पूरी बहादुरी से निभाया है।
फिलहाल, इंदौर के लिहाज ये एक और बुरी खबर है कि एक नर्स कोविड के काल के गाल में समा गई जो कि मानव सेवा के लिए इस कठिनतम दौर में हमेशा तत्पर रही है। इस जानकारी के सामने आने के बाद समूचे स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों में शौक की लहर है और हर स्वास्थ्यकर्मी, कोरोना योद्धा के कर्तव्य की तारीफ कर उन्हें अपने श्रद्धा सुमन अर्पित कर रहा है।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews