
Indore Police Commissioner launched ECIT Cyber Help Desk
इंदौर में लगातार बढ़ रहे साइबर अपराधों और ऑनलाइन फ्रॉड के मामलों पर लगाम कसने के लिए इंदौर पुलिस कमिश्नरेट ने एक बेहद सराहनीय और बड़ी पहल की है। अब साइबर ठगी के शिकार पीड़ितों को अपनी शिकायतों के लिए भटकना नहीं पड़ेगा, बल्कि उन्हें थाना स्तर पर ही त्वरित सहायता मिल सकेगी।
सिबत पीड़ितों को तुरंत मदद दिलाने के उद्देश्य से पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने आज पलासिया थाने से शहर के चारों जोन के चिन्हित थानों और क्राइम ब्रांच में ECIT यानी एक्सपर्ट साइबर इन्वेस्टिगेशन टीम के तहत ‘विशेष साइबर हेल्प डेस्क’ का शुभारंभ किया। इस दौरान पुलिस कमिश्नर ने “सेफ क्लिक 2.0” अभियान के तहत छात्र-छात्राओं से संवाद कर डिजिटल सुरक्षा का पाठ भी पढ़ाया।
पांच थानों में विशेष ECIT साइबर हेल्प डेस्क की स्थापना
इंदौर शहर में ऑनलाइन ठगी और डिजिटल धोखाधड़ी के मामलों में तत्काल रिस्पॉन्स देने के लिए पुलिस अब पूरी तरह हाईटेक हो चुकी है। इंदौर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा शहर के चारों जोन के एक-एक प्रमुख थानों राजेंद्र नगर, विजय नगर, भंवरकुआं, पलासिया और इसके साथ ही क्राइम ब्रांच इंदौर में विशेष ECIT साइबर हेल्प डेस्क की स्थापना की गई है।
पुलिस कमिश्नर ने हेल्प डेस्क का निरीक्षण किया, कार्यप्रणाली को समझा
पलासिया थाने में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने इस नई सुविधा का उद्घाटन किया। इस मौके पर शहर के अन्य संबंधित थाने भी वर्चुअल माध्यम से इस कार्यक्रम का हिस्सा बने। उद्घाटन के बाद पुलिस कमिश्नर ने हेल्प डेस्क का बारीकी से निरीक्षण किया और उसकी कार्यप्रणाली को समझा। कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों के साथ-साथ बड़ी संख्या में विद्यार्थी शामिल हुए।
सावधानी और जागरूकता ही साइबर अपराधों से बचने का सबसे प्रभावी हथियार
अपने संबोधन के दौरान पुलिस कमिश्नर संतोष कुमार सिंह ने उपस्थित छात्र-छात्राओं से सीधा संवाद किया। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि तकनीकी युग में सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है और जागरूकता ही साइबर अपराधों से बचने का सबसे प्रभावी हथियार है। इसी उद्देश्य से मध्य प्रदेश पुलिस ‘सेफ क्लिक 2.0’ अभियान चला रही है। कार्यक्रम में मौजूद छात्रों ने भी पुलिस कमिश्नर से अपने अनुभव साझा किए और बताया कि कैसे वे सजग रहकर ऑनलाइन फ्रॉड से सुरक्षित रहे। इंदौर पुलिस के इस नवाचार से अब थानों में ही तकनीकी एक्सपर्ट मिलेंगे, जो ठगी की रकम को तुरंत होल्ड कराने और अपराधियों को दबोचने में अहम भूमिका निभाएंगे।
पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

