इंदौर में फिर ठगों ने किया महिला को डिजिटल अरेस्ट, सतर्कता और पुलिस की तुरंत कार्रवाई से ठगी से बची

ठग महिला को लगातार धमका रहा था, दबाव बना रहा था कि महिला केस से बचना चाहती हैं तो तुरंत जांच में सहयोग करें और पैसे ट्रांसफर करें।
Bhopal digital arrest

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इंदौर शहर में साइबर अपराधियों की सक्रियता एक बार फिर सामने आई है। इंदौर के बंगाली चौराहे स्थित एक घर में रहने वाली महिला को साइबर ठगों ने डिजिटल अरेस्ट करने का प्रयास किया सतर्कता और पुलिस की त्वरित कार्रवाई से महिला को बचा लिया गया।

कोलाबा पुलिस का अधिकारी बनकर ठगने की कोशिश 

वही एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि महिला को एक कॉल आया। फोन करने वाले ने खुद को कोलाबा पुलिस का अधिकारी बता रहा था। उसने महिला को धमकाते हुए कहा कि उनकी सिम का गलत उपयोग किया गया है और कॉलर लगातार दबाव बना रहा था कि महिला केस से बचना चाहती हैं तो तुरंत जांच में सहयोग करें और फोन पर बने रहें। घटना के समय महिला के पति घर पर मौजूद थे। जब उन्हें मामले की पूरी जानकारी लगी तो उन्होंने तुरंत एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया को फोन कर घटनाक्रम बताया।

 सुदीप सूद , पीड़ित के पति 

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सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची 

सूचना मिलते ही क्राइम ब्रांच की टीम मौके पर पहुंची और महिला को सुरक्षित बाहर निकाला। एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया भी दंपति से मिले और पूरी काउंसलिंग की ,अधिकारियों ने उन्हें समझाया कि यह साइबर ठगों का नया तरीका है और ऐसे कॉल्स से सतर्क रहना बेहद जरूरी है। पुलिस का कहना है कि फिलहाल कॉल करने वालों की लोकेशन और पहचान की जा रही है।

राजेश दंडोतिया , एडिशनल डीसीपी , इंदौर

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नागरिकों से अपील 

अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि यदि इस तरह का कोई कॉल आए जिसमें खुद को किसी पुलिस अधिकारी, बैंक अधिकारी या सरकारी एजेंसी का सदस्य बताया जाए और केस दर्ज होने की धमकी दी जाए, तो घबराने के बजाय तुरंत स्थानीय पुलिस से संपर्क करें। अपराधियों का उद्देश्य केवल डर का माहौल बनाकर पैसों की ठगी करना होता है। समय पर रिपोर्ट करने से ऐसे अपराध रोके जा सकते हैं। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि इस घटना के पीछे शामिल लोगों के खिलाफ जल्द ही सख्त कार्रवाई की जाएगी।

Sushma Bhardwaj
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