ड्राइवर को लगी झपकी, बस पेड़ से टकराई, 10 घायल 2 की हालत नाजुक  

ड्राइवर को लगी झपकी, बस पेड़ से टकराई, 10 घायल 2 की हालत नाजुक  

इंदौर, आकाश धौलपुरे। गुजरात (Gujrat) के अहमदाबाद (Ahmedabad) से इंदौर (Indore) आई एक यात्री बस (Bus) अचानक पेड़ से टकरा गई। बस (Bus) के पेड़ से टकराते ही हड़कंप मच गया। यात्रियों में चीख पुकार मच गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि मौके पर ही बस (Bus) का अगला हिस्सा बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया था। दुर्घटना में 10 लोग घायल हुए हैं जिनमें दो की हालत गंभीर बताई गई है। घायलों का एमवाय अस्पताल में इलाज जारी है।

दरअसल, शुक्रवार रात को अहमदाबाद (Ahmedabad) से चली बस (Bus) आज सुबह इंदौर (Indore) पहुंचने के बाद चंदन नगर थाना क्षेत्र सिरपुर के करीब अंबार नगर रोड़ पर स्थित एक पेड़ से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि मौके पर ही बस (Bus) का अगला हिस्सा बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया था। जानकारी के मुताबिक ड्राइवर की झपकी लगने के कारण ये हादसा हुआ है।  हादसे के तुरंत बाद मौके से ड्राइवर और क्लीनर बस (Bus) छोड़कर भाग खड़े हुए। इधर, बस (Bus) के पेड़ टकराने के वक्त बस (Bus) में करीब 50 यात्री मौजूद थे वही जानकारी ये भी सामने आई है कि बस (Bus) में गुजरात (Gujrat) से कम लोग चले थे लेकिन इंदौर (Indore) पहुंचने के पहले बेटमा के समीप झालरिया ग्राम से कई लोग सवार हुए थे जो हर शनिवार को भगवान शनि के नाम पर दान दक्षिणा लेने आते हैं।

बस (Bus) के टकराने से झालरिया निवासी 10 लोग घायल हुए है जिनमें से सोनू पिता पन्नालाल और रतनलाल पिता पन्नालाल की हालत गम्भीर बताई जा रही है वही 8 अन्य लोगों  को मामूली चोंटे आई है। फिलहाल, घायलों का इलाज एमवाय अस्पताल में जारी है। चश्मदीदों की माने तो घटना सुबह करीब 6 :30 बजे की है। वो जब बस (Bus) से निकले तो बस (Bus) एक पेड़ से टकरा गई थी। मौके पर लोगों ने सवारियों को सुरक्षित बाहर निकाला। हादसे में कई लोगों को मामूली चोट आई है। फिलहाल, पुलिस इस सड़क हादसे की तफ्तीश में जुट गई है।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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