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इंदौर में ई रिक्शा चलाने के लिए कलर मॉडल लागू, ट्रैफिक जाम की समस्या से मिलेगी निजात

Reported by:Shakil Ansari|Edited by:Atul Saxena
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पुलिस अधिकारियों ने साफ़ किया है कि सभी ई रिक्शा पर रूट की जानकारी लिखी होगी इस व्यवस्था से यात्रियों को भी सवारी के दौरान पता चल सकेगा कि वह किस सेक्टर के किस रिक्शा में सवारी कर रहे हैं।
इंदौर में ई रिक्शा चलाने के लिए कलर मॉडल लागू, ट्रैफिक जाम की समस्या से मिलेगी निजात

e rickshaw

इंदौर में ट्रैफिक जाम की समस्या से निपटने के लिए प्रशासनिक स्तर पर लगातार अलग-अलग काम किया जा रहे हैं इसी क्रम में  अब औद्योगिक शहर इंदौर में ई रिक्शा चलाने के लिए कलर मॉडल लागू किया जा रहा है इस कलर मॉडल से इंदौर के ट्रैफिक का दबाव काफी कम हो सकता है।

कलर मॉडल से तात्पर्य है कि शहर में चलने वाले ई-रिक्शा को कलर कोडिंग दी जाएगी जिससे ये किसी विशेष इलाके या सेक्टर में ही चल सकेंगे जो ई-रिक्शा जिस सेक्टर या क्षेत्र का होगा वह केवल उसी इलाके में चल सकेगा ट्रैफिक पुलिस ने ई-रिक्शा की व्यवस्था को पूरे शहर में डाइवर्ट करने का फैसला किया है।

हर सेक्टर का एक कलर कोड या नंबर होगा

ट्रैफिक प्रभारी डीसीपी आनंद कलादगी के मुताबिक जल्द ही शहर को 6  सेक्टर में बांटा जाएगा ये ज्यादा भी हो सकते हैं और हर सेक्टर का एक कलर कोड या नंबर होगा जिससे रिक्शे के सेक्टर और उसके रूट आदि का पता चल सकेगा।  ई रिक्शा चालकों को तय रूट पर ही चलने की अनुमति होगी इसके साथ ही अब इनके रंग भी अलग-अलग होंगे।

ई रिक्शा पर लिखी होगी रूट की जानकारी

पुलिस अधिकारियों ने साफ़ किया है कि सभी ई रिक्शा पर रूट की जानकारी लिखी होगी इस व्यवस्था से यात्रियों को भी सवारी के दौरान पता चल सकेगा कि वह किस सेक्टर के किस रिक्शा में सवारी कर रहे हैं। वहीं रिक्शा चालकों को भी पता रहेगा कि उन्हें किस इलाके में रिक्शा चलाना है।

शकील अंसारी की रिपोर्ट 

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Atul Saxena
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena
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