एक पेड़ मां के नाम 3.0 अभियान के चलते इंदौर में 21 लाख पौधे लगाने का रखा गया लक्ष्य, CM मोहन यादव करेंगे शुभारंभ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर शुरू किए गए ‘एक पेड़ मां के नाम 3.0’ अभियान के तहत इंदौर में इस साल बड़े स्तर पर पौधारोपण किया जाएगा। दरअसल अभियान की शुरुआत 12 जुलाई को बीएसएफ बुढ़ानिया परिसर से होगी जहां एक ही दिन में एक लाख पौधे लगाए जाएंगे।
एक पेड़ मां के नाम 3.0 अभियान के चलते इंदौर में 21 लाख पौधे लगाने का रखा गया लक्ष्य, CM मोहन यादव करेंगे शुभारंभ

इंदौर में हरियाली बढ़ाने के लिए इस साल फिर बड़े पैमाने पर पौधारोपण अभियान चलाया जाएगा। दरअसल मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि ‘एक पेड़ मां के नाम 3.0’ अभियान के तहत पूरे जिले और आसपास के क्षेत्रों में 21 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य तय किया गया है। वहीं अभियान का औपचारिक शुभारंभ 12 जुलाई को बीएसएफ बुढ़ानिया परिसर में होगा, जहां एक लाख पौधों का रोपण किया जाएगा। इसके साथ ही जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए 51 हजार जल संचयन संरचनाएं भी तैयार की जाएंगी।

दरअसल मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि इस बार ऐसे पौधों का चयन किया गया है जिनकी ऊंचाई 6 से 10 फीट होगी। बड़े पौधे लगाने का उद्देश्य उनकी जीवित रहने की संभावना बढ़ाना है, ताकि कम समय में वे विकसित होकर छायादार पेड़ बन सकें और शहर की हरियाली तेजी से बढ़े।

कई इलाकों में बड़े स्तर पर लगाए जाएंगे पौधे

वहीं इसे लेकर कैलाश विजयवर्गीय ने कहा है कि स्वच्छता में लगातार देश में पहला स्थान हासिल करने वाला इंदौर अब हरियाली के क्षेत्र में भी नई पहचान बनाना चाहता है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्षों में भी शहर में रिकॉर्ड स्तर पर पौधारोपण किया गया था। पहले चरण में 51 लाख और दूसरे चरण में 15.30 लाख पौधे लगाए गए थे। इस बार 21 लाख पौधों का लक्ष्य रखा गया है। अभियान 5 जुलाई से शुरू हो चुका है और अब तक करीब ढाई लाख पौधे लगाए जा चुके हैं।

कई प्रमुख इलाकों में पौधारोपण किया जाएगा

दरअसल उन्होंने बताया कि शहर और आसपास के कई प्रमुख इलाकों में पौधारोपण किया जाएगा। देवगुराड़िया के पीछे स्थित टेकरी पर एक लाख से अधिक पौधे लगाए जाएंगे। सिरपुर तालाब के पीछे भी एक लाख पौधों का रोपण होगा, जबकि राऊ तालाब के आसपास 10 हजार पौधे लगाए जाएंगे। इसके अलावा वन विभाग और अन्य सरकारी जमीनों पर भी अलग-अलग चरणों में पौधे लगाए जाएंगे। ‘मां की बगिया’ योजना के तहत केवल फलदार पौधों का रोपण किया जाएगा। इनमें जामुन, नीम, पीपल, बरगद, आम, कटहल, नींबू, मौसंबी, संतरा, अनार, सीताफल, कचनार, महोगनी और मौलसरी जैसी प्रजातियां शामिल रहेंगी।

जल संरक्षण पर भी रहेगा फोकस

वहीं इस वर्ष अभियान को केवल पौधारोपण तक सीमित नहीं रखा गया है बल्कि इसे जल संरक्षण से भी जोड़ा गया है। दरअसल मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बताया कि ‘पेड़ लगाओ, पानी बचाओ’ संदेश के साथ 51 हजार घरों में वर्षा जल को जमीन के भीतर पहुंचाने की व्यवस्था विकसित की जाएगी। इसका उद्देश्य भूजल स्तर को बेहतर बनाना और बारिश के पानी का सही उपयोग सुनिश्चित करना है। उन्होंने बताया कि बीएसएफ बुढ़ानिया क्षेत्र की जमीन पथरीली होने के कारण पौधों की देखभाल के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। यशवंत सागर से पाइपलाइन के जरिए पानी उपलब्ध कराया जाएगा ताकि पौधों की नियमित सिंचाई हो सके।

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मैं ऋषभ नामदेव खेल से लेकर राजनीति तक हर तरह की खबर लिखने में सक्षम हूं। मैं जर्नलिज्म की फील्ड में पिछले 4 साल से काम कर रहा हूं। View all posts by Rishabh Namdev →
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