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इंदौर में नकली पान मसाला फैक्ट्री का भंडाफोड़, घर से चल रहा था ज़हरीला कारोबार

Written by:Bhawna Choubey
Published:
इंदौर के रिहायशी इलाके में घर के अंदर बन रहा था नकली पान मसाला, जिसमें मिलाए जा रहे थे सेहत के लिए खतरनाक रसायन। पुलिस की रेड में बड़ा खुलासा हुआ है, जिसने आम लोगों की रोज़मर्रा की आदतों और सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इंदौर में नकली पान मसाला फैक्ट्री का भंडाफोड़, घर से चल रहा था ज़हरीला कारोबार

इंदौर में एक बार फिर मिलावटखोरों ने यह दिखा दिया कि मुनाफे के लिए वे आम लोगों की सेहत से खेलने से भी पीछे नहीं हटते। शहर के कनाडिया थाना क्षेत्र में पुलिस ने नकली पान मसाला बनाने वाली एक फैक्ट्री पर छापा मारकर बड़े अवैध कारोबार का पर्दाफाश किया है। हैरानी की बात यह है कि यह पूरा काम किसी सुनसान औद्योगिक इलाके में नहीं, बल्कि एक रिहायशी कॉलोनी के घर के अंदर चल रहा था। यह सिर्फ एक रेड नहीं, बल्कि शहर की खाद्य सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला है। जिन उत्पादों को लोग रोज़ाना शौक से खरीदते और खाते हैं, वही अगर ज़हर बन जाएं तो इसका असर सीधे समाज की सेहत पर पड़ता है।

रिहायशी इलाके से चल रहा था नकली पान मसाला कारोबार

पुलिस के अनुसार, बिचोली मरदाना इलाके के सहारा सिटी होम्स में एक मकान को नकली पान मसाला बनाने की फैक्ट्री में बदल दिया गया था। बाहर से यह एक सामान्य घर जैसा दिखता था, लेकिन अंदर बड़े पैमाने पर मिलावटी पान मसाला तैयार किया जा रहा था। आसपास रहने वाले लोगों को भी इस बात की भनक तक नहीं थी कि उनके पड़ोस में ऐसा खतरनाक काम चल रहा है। यह पहलू सबसे ज्यादा चिंता बढ़ाने वाला है, क्योंकि इससे साफ होता है कि मिलावटखोर कितनी चालाकी से कानून की आंखों में धूल झोंक रहे हैं। अगर समय रहते पुलिस को सूचना न मिलती, तो यह नकली पान मसाला सैकड़ों-हज़ारों लोगों की सेहत को नुकसान पहुंचा सकता था।

मैग्नीशियम कार्बोनेट मिलाकर बनाया जा रहा था नकली विमल

जांच में सामने आया है कि आरोपी नकली पान मसाला तैयार करने के लिए मैग्नीशियम कार्बोनेट जैसे रसायन का इस्तेमाल कर रहे थे। यह पदार्थ सीमित मात्रा में कुछ उद्योगों में उपयोग होता है, लेकिन खाने की चीज़ों में इसका इस्तेमाल इंसानी शरीर के लिए खतरनाक माना जाता है। इस रसायन का लंबे समय तक सेवन पेट, आंतों और दूसरे अंगों पर बुरा असर डाल सकता है। इसके बावजूद आरोपी इसे खुलेआम पान मसाले में मिलाकर बाजार में उतार रहे थे। वे इस नकली पान मसाले को नामी ब्रांड, खासकर विमल जैसे ब्रांड के नाम पर बेचने की तैयारी कर रहे थे, ताकि ग्राहकों को शक न हो।

पुलिस रेड में क्या-क्या जब्त हुआ?

पुलिस की छापेमारी के दौरान मौके से बड़ी मात्रा में तैयार नकली पान मसाला बरामद किया गया। इसके अलावा पैकिंग के लिए इस्तेमाल होने वाले रैपर, खाली पाउच, मशीनें और कच्चा माल भी जब्त किया गया है। इन सभी चीज़ों से साफ है कि आरोपी छोटे स्तर पर नहीं, बल्कि संगठित तरीके से यह अवैध कारोबार चला रहे थे। इस तरह की फैक्ट्रियां सिर्फ मिलावट नहीं करतीं, बल्कि ब्रांड की साख को भी नुकसान पहुंचाती हैं। आम ग्राहक असली और नकली में फर्क नहीं कर पाता और सीधे तौर पर ठगा जाता है।

तीन आरोपियों की गिरफ्तारी, कौन हैं आरोपी?

इस मामले में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें स्नेहा नगर निवासी अक्षत शर्मा, जावेद कुरैशी और पूरनमल का बेटा अरुण शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, ये तीनों मिलकर नकली पान मसाला तैयार कर रहे थे और उसे अलग-अलग इलाकों में सप्लाई करने की योजना बना रहे थे। इतनी बड़ी मात्रा में माल तैयार करना तभी संभव है, जब इसके पीछे एक नेटवर्क काम कर रहा हो। इसलिए पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इनके साथ और कौन-कौन लोग जुड़े थे और नकली पान मसाला किन दुकानों तक पहुंच चुका था।

कॉपीराइट एक्ट के तहत मामला दर्ज

इस पूरे मामले में पुलिस ने कॉपीराइट एक्ट के तहत केस दर्ज किया है। आरोपी नामी कंपनियों के कॉपीराइटेड रैपर और डिजाइन का इस्तेमाल कर रहे थे, ताकि नकली पान मसाला असली लगे। यह सिर्फ मिलावट का नहीं, बल्कि बौद्धिक संपदा चोरी का भी मामला है। ऐसे मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई ज़रूरी है, ताकि दूसरे लोग भी इससे सबक लें। पुलिस ने साफ किया है कि जांच अभी जारी है और जरूरत पड़ी तो अन्य धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं।