भीख देने पर FIR : इंदौर में भीख देना महंगा पड़ेगा, 1 जनवरी से होगी कानूनी कार्रवाई, कलेक्टर ने दी वॉर्निंग

पिछले कुछ समय में भिखारियों की संख्या में इजाफा देखा गया है। इसे लेकर कोई ताजा आंकड़ा तो नहीं है लेकिन 2011 की जनगणना के अनुसार देश में भिखारियों की संख्या चार लाख से ज्यादा है। अक्सर इन्हें देखकर करुणा उपजती है और सहायता के लिए हाथ बढ़ जाते हैं। लेकिन इन दिनों भीख मांगना एक संगठित धंधे का रूप भी ले चुका है। ऐसे में कई बार ये समझ पाना मुश्किल होता है कि कौन ज़रूरतमंद है और कौन बेज़ा फायदा उठा रहा है। बहरहाल, इंदौर में अब भीख देने पर आप मुश्किल में पड़ सकते हैं।
Giving Alms to Beggars in Indore to Be Punishable

Giving Alms to Beggars in Indore to Be Punishable : देश के सबसे स्वच्छ शहर और मध्य प्रदेश की व्यावसायिक राजधानी इंदौर में अब अगर कोई व्यक्ति भिखारियों को भीख देता है तो उसपर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। शहर को भिखारी मुक्त बनाने के लिए प्रशासन द्वारा ये पहल की जा रही है। इसे लेकर इंदौर कलेक्टर आशीष सिंह ने शहरवासियों से अपील भी की है और कहा है कि इस महीने के आखिरी तक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा और अगले साल एक जनवरी से भीख देने वालों पर एफआईआर कार्रवाई की जाएगी।

बता दें कि केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने देश के 10 शहरों को भिखारियों से मुक्त बनाने के लिए एक पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत की है। इन चुने गए शहरों की सूची में इंदौर का नाम भी शामिल है। इस पहल को सफल बनाने के लिए इंदौर जिला प्रशासन पूरी सक्रियता से कार्य कर रहा है। इसी अभियान के तहत इंदौर पुलिस ने हाल ही में एक विशेष टीम गठित कर शहर में भिखारियों को हटाने की प्रक्रिया शुरू की और इस दौरान 14 भिखारियों को पकड़ा भी गया है।

भीख देने वालों पर होगी FIR- इंदौर कलेक्टर

इंदौर को भिखारी मुक्त बनाने के लिए प्रशासन पूरी मुस्तैदी से काम कर रहा है। इसे लेकर कलेक्टर आशीष सिंह ने शहरवासियों से अपील की है कि वे भिक्षावृत्ति को बढ़ावा न दें। इसी के साथ उन्होंने पिछले आदेश का हवाला देते हुए कहा कि शहर में भिक्षा देने को भी प्रतिबंधित किया था।अब इस महीने के अंत तक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा और माह के अंत में आदेश फिर जारी किया जाएगा। इसके बाद भिक्षा देने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसका मतलब ये हुआ कि अब अगर नए साल में एक जनवरी से कोई व्यक्ति किसी भिखारी को भीख देते हुए पाया गया तो उसके खिलाफ़  एफआईआर की जाएगी।

प्रशासन चला रहा है जागरूकता अभियान

बता दें कि काफी समय से शहर में ये अभियान चलाया जा रहा है और पिछले दिनों इसी सिलसिले में कुछ भिखारियों को पकड़ा भी गया था। कलेक्टर आशीष सिंह ने बताया कि उनके पास कुछ ऐसे केस भी आए हैं जहां भीख में मिलने वाले पैसों का उपयोग ड्रग्स के लिए किया जाता था। वहीं कुछ ऐसे परिवार सामने आए जहां बड़े बुजुर्गों से कोर्स करके भिक्षावृत्ति कराई जाती है। आसपास के कुछ गाँव और राजस्थान से गैंग भीख मांगने के धंधे को ऑपरेट करती है। कलेक्टर ने बताया कि वहां से बस भरकर लोग आते हैं और यहां भिक्षावृत्ति करते हैं। इस तरह ये सामाजिक बुराई अब एक धंधे में भी बदलती जा रही है और प्रशासन ने इसे समाप्त करने के लिए पूरी तैयारी कर ली है। इसके तहत अब भीख मांगने वालों पर तो प्रशासन की नजरें रहेंगी ही, लेकिन अगर कोई भीख देते हुए पाया गया तो उसपर भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इंदौर से शकील अंसारी की रिपोर्ट

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Shruty Kushwaha
लेखक के बारे में
Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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