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इंदौर में आयकर विभाग का महा-एक्शन, सरकारी ठेकेदारों और हवाला ऑपरेटर के 150 ठिकानों पर एक साथ छापे

Written by:Ankita Chourdia
Published:
इंदौर में आयकर विभाग ने सरकारी ठेकेदारों और एक बड़े हवाला ऑपरेटर के खिलाफ बड़ी कार्रवाई शुरू की है। शहर और आसपास के 150 से ज्यादा ठिकानों पर एक साथ छापेमारी चल रही है। यह कार्रवाई अफसरों और नेताओं के काले धन को ठिकाने लगाने के संदेह में की जा रही है।
इंदौर में आयकर विभाग का महा-एक्शन, सरकारी ठेकेदारों और हवाला ऑपरेटर के 150 ठिकानों पर एक साथ छापे

आयकर विभाग ने मध्य प्रदेश के इंदौर में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए कई सरकारी ठेकेदारों और एक हवाला ऑपरेटर के ठिकानों पर छापेमारी शुरू की है। बुधवार सुबह से शुरू हुई यह कार्रवाई शहर और आसपास के इलाकों में 150 से अधिक स्थानों पर एक साथ चल रही है। इस ऑपरेशन का मुख्य उद्देश्य उस नेटवर्क का भंडाफोड़ करना है, जिस पर अधिकारियों और राजनेताओं के काले धन को ठिकाने लगाने का संदेह है।

सूत्रों के अनुसार, आयकर विभाग को लंबे समय से इस संबंध में शिकायतें मिल रही थीं। इन शिकायतों में कहा गया था कि सड़क निर्माण से जुड़े कुछ बड़े ठेकेदार हवाला नेटवर्क के जरिए अवैध कमाई को सफेद करने का काम कर रहे हैं। विभाग ने पूरी तैयारी के साथ इस महत्वपूर्ण कार्रवाई को अंजाम दिया है।

काले धन के नेटवर्क पर शिकंजा

जांच के दायरे में आए ठेकेदार मुख्य रूप से सरकारी विभागों के लिए सड़क और अन्य निर्माण कार्यों से जुड़े हैं। आरोप है कि ये ठेकेदार कथित तौर पर अफसरों और नेताओं से मिले काले धन को अपने कारोबार में लगाकर उसे वैध बनाते थे। इस काम में एक बड़ा हवाला ऑपरेटर भी इनकी मदद कर रहा था, जिसके ठिकानों पर भी विभाग ने दबिश दी है।

माना जा रहा है कि इस नेटवर्क के जरिए करोड़ों रुपये के अवैध लेनदेन को अंजाम दिया गया है। आयकर विभाग की टीमें इन सभी के बीच की कड़ियों को जोड़ने की कोशिश कर रही हैं।

नकदी, दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड्स की जांच

छापेमारी के दौरान आयकर विभाग की टीमें बड़ी मात्रा में नकदी, संपत्ति के दस्तावेज और डिजिटल सबूतों को खंगाल रही हैं। अधिकारियों को उम्मीद है कि इस जांच से लेनदेन से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुराग हाथ लग सकते हैं। कंप्यूटर, लैपटॉप और मोबाइल फोन से मिले डेटा की भी जांच की जा रही है ताकि पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके।

फिलहाल, आयकर विभाग की कार्रवाई जारी है और इस मामले पर कोई भी आधिकारिक बयान नहीं आया है। कार्रवाई पूरी होने के बाद ही जब्त की गई नकदी और दस्तावेजों के बारे में विस्तृत जानकारी सामने आने की उम्मीद है।