इंदौर एयरपोर्ट पर 1.28 करोड़ का विदेशी सोना जब्त, एयर इंडिया एक्सप्रेस कर्मचारी समेत 5 लोगों को किया गया गिरफ्तार

सोने की तस्करी के मामले में DRI की बड़ी कार्रवाई देखने को मिली है। दरअसल अबूधाबी से लाई गई 1 किलो से ज्यादा विदेशी गोल्ड की खेप चांदी जैसी दिखने वाली चूड़ियों में छिपाई गई थी। जांच में एयरपोर्ट कर्मचारी की कथित भूमिका सामने आने के बाद पूरे तस्करी नेटवर्क की पड़ताल तेज हो गई है।
इंदौर एयरपोर्ट पर 1.28 करोड़ का विदेशी सोना जब्त, एयर इंडिया एक्सप्रेस कर्मचारी समेत 5 लोगों को किया गया गिरफ्तार

इंदौर एयरपोर्ट पर डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) ने विदेशी सोने की तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। दरअसल कार्रवाई के दौरान करीब 1.28 करोड़ रुपये कीमत का 1000.20 ग्राम विदेशी सोना जब्त किया गया है। वहीं इस मामले में एयर इंडिया एक्सप्रेस के एक कर्मचारी समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। एजेंसी अब पूरे नेटवर्क और इसके पीछे मौजूद अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।

दरअसल इंदौर जोनल यूनिट की शुरुआती जांच के मुताबिक तस्करी की पूरी योजना बेहद सुनियोजित तरीके से बनाई गई थी। अबूधाबी से आने वाली फ्लाइट के जरिए सोना भारत लाया गया और उसे इस तरह तैयार किया गया कि वह सामान्य धातु की चूड़ियों जैसा दिखाई दे। आरोप है कि एयरपोर्ट के अंदर मौजूद एक कर्मचारी की मदद से इसे कस्टम जांच से पहले बाहर निकालने की तैयारी थी। हालांकि DRI को पहले ही इसकी सूचना मिल गई और टीम ने कार्रवाई करते हुए पूरी साजिश को नाकाम कर दिया।

जांच में सामने आई पूरी साजिश

वहीं जांच एजेंसी के अनुसार गिरफ्तार किए गए पांचों आरोपियों की जिम्मेदारियां पहले से तय थीं। संजय मुंजे को पूरे नेटवर्क का मुख्य समन्वयक माना जा रहा है, जबकि गोविंद पोरवाल अबूधाबी से सोना लेकर भारत पहुंचा। एयर इंडिया एक्सप्रेस में कार्यरत वासुदेव बरनाले पर आरोप है कि उसे एयरोब्रिज पर सोना लेकर कस्टम जांच से पहले सुरक्षित बाहर निकालना था। वहीं अमन गहलोत और अजय कुमार सेन पर सोने की डिलीवरी और अलग-अलग लोगों के बीच समन्वय बनाने की जिम्मेदारी होने का आरोप है। DRI के अनुसार सभी आरोपियों को विशेष आर्थिक अपराध न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें 18 अगस्त तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। एजेंसी अब यह भी पता लगा रही है कि इस नेटवर्क ने पहले भी इसी तरह की तस्करी को अंजाम दिया था या नहीं। जांच में वित्तीय लेन-देन, विदेश यात्रा और संपर्कों की भी पड़ताल की जा रही है।

एयरपोर्ट कर्मचारी पर भी गंभीर आरोप

दरअसल पूछताछ के दौरान ऐसे संकेत मिले हैं कि तस्करी से जुड़े लोगों को एयरपोर्ट की निगरानी और जांच व्यवस्था की जानकारी पहले से उपलब्ध कराई जाती थी। जांच में यह बात भी सामने आई है कि हर सफल खेप के बदले संबंधित व्यक्ति को लगभग 10 हजार रुपये दिए जाते थे। एजेंसी इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या यह नेटवर्क केवल इंदौर तक सीमित था या इसके तार दूसरे शहरों और विदेशों से भी जुड़े हैं। DRI ने जब्त किए गए विदेशी सोने को सीमा शुल्क अधिनियम के तहत कब्जे में ले लिया है और आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।

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मैं ऋषभ नामदेव खेल से लेकर राजनीति तक हर तरह की खबर लिखने में सक्षम हूं। मैं जर्नलिज्म की फील्ड में पिछले 4 साल से काम कर रहा हूं। View all posts by Rishabh Namdev →
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