चूहे की घटना ने खराब की इंदौर एयरपोर्ट की छवि, सर्विस क्वालिटी में गिरकर देश में चौथे नंबर पर

इंदौर एयरपोर्ट की रैंकिंग में गिरावट, यात्रियों की शिकायत और चूहे की घटना ने असर डाला। जानिए एएसक्यू सर्वे की पूरी रिपोर्ट और एयरपोर्ट सुधार की योजना।
Indore Airport

इंदौर का देवी अहिल्याबाई होलकर एयरपोर्ट इस तिमाही में रैंकिंग में थोड़ा पीछे खिसक गया है। एयरपोर्ट सर्विस क्वालिटी (ASQ) सर्वे की ताजा रिपोर्ट जुलाई-सितंबर 2025 के मुताबिक, अब एयरपोर्ट देश में चौथे नंबर पर है।

पिछली तिमाही में यह तीसरे नंबर पर था। इस बार 4.93 अंक मिले। तुलना करें तो पुणे एयरपोर्ट 4.96 अंक के साथ पहले, गोवा दूसरे और वाराणसी तीसरे नंबर पर है। इंदौर एयरपोर्ट के अंक गोवा और वाराणसी से सिर्फ 0.1 अंक कम हैं।

चूहे की घटना और एयरपोर्ट की छवि पर असर (Indore Airport)

सितंबर 2025 में एयरपोर्ट पर एक यात्री को चूहे ने काट लिया। इस घटना ने यात्रियों में डर पैदा किया और एयरपोर्ट की इमेज पर असर डाला। इससे साफ हो गया कि सुरक्षा और सफाई पर ध्यान देना कितना जरूरी है। इसी वजह से इस तिमाही में एयरपोर्ट को चौथे स्थान पर संतोष करना पड़ा।

सफाई, शॉपिंग और सुविधाओं में कमी

सबसे कम अंक वॉशरूम की स्वच्छता, टॉयलेट्स की मेंटेनेंस और शॉपिंग व वैल्यू फॉर मनी के लिए मिले। हालांकि सुरक्षा जांच और कर्मचारियों की मददगार प्रवृत्ति के पॉइंट्स पर एयरपोर्ट ने बेहतर प्रदर्शन किया। यात्रियों ने यह भी नोट किया कि टर्मिनल तक पहुंचने और चेक-इन क्षेत्र खोजने में सुविधा में सुधार की जरूरत है।

देश में एयरपोर्ट रैंकिंग

  • पुणे एयरपोर्ट – 4.96 अंक (1st)
  • गोवा एयरपोर्ट – दूसरे नंबर पर
  • वाराणसी एयरपोर्ट – 4.94 अंक (तीसरा)
  • इंदौर एयरपोर्ट – 4.93 अंक (चौथा)

एशिया पैसेफिक रैंकिंग में गिरावट

एशिया पैसेफिक रैंकिंग में भी इंदौर एयरपोर्ट पिछड़ गया। पिछली तिमाही में 58वें नंबर पर था, अब 63वें नंबर पर है। घटना और यात्रियों की शिकायतों ने अंतरराष्ट्रीय छवि पर असर डाला। प्रबंधन ने कहा कि सुधार किए जाएंगे और अगले सर्वे में फिर से बेहतर रैंकिंग पाने की कोशिश की जाएगी।

सर्वे में पूछे गए मुख्य सवाल

  1. एयरपोर्ट तक पहुंच और परिवहन की सुविधा
  2. टर्मिनल में दिशा और साइन बोर्ड
  3. चेक-इन और सुरक्षा जांच
  4. कस्टम और पासपोर्ट काउंटर
  5. रेस्तरां, कैफे और शॉपिंग सुविधाएँ
  6. टॉयलेट्स और सफाई
  7. कर्मचारियों का व्यवहार और मददगार प्रवृत्ति
  8. मनोरंजन और आराम की सुविधा
Bhawna Choubey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता मेरे लिए सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि सच को जिम्मेदारी और संवेदनशीलता के साथ समाज तक पहुंचाने का माध्यम है। तथ्यों की पड़ताल, महत्वपूर्ण मुद्दों को समझना और निष्पक्ष खबरों के जरिए लोगों की आवाज़ बनना मेरी पत्रकारिता की पहचान है। View all posts by Bhawna Choubey →
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