इंदौर प्रभारी मंत्री का दावा- “अगले 5 दिन में कोई मजदूर नहीं दिखेगा सड़क पर”

इंदौर प्रभारी मंत्री का दावा- “अगले 5 दिन में कोई मजदूर नहीं दिखेगा सड़क पर”

इंदौर/आकाश धोलपुरे

कोरोना वायरस ने इंदौर में जमकर आतंक मचा रखा है जो बड़ी चिंता का कारण न सिर्फ मध्यप्रदेश सरकार के लिए है बल्कि प्रशासन के लिए भी है। इधर, लॉक डाउन का तीसरा चरण 17 मई को समाप्त होने वाला है वहीं 18 मई से चौथे चरण की शुरुआत हो रही है। चौथे चरण को लेकर इंदौर में प्रभारी मंत्री तुलसी सिलावट ने जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक की। जिसमें इंदौर में चौथे चरण की रूप रेखा पर सुझाव लेने के साथ ही गम्भीरता से मंथन किया गया। लॉक डाउन 4.0 किस तरह से रहेगा किन चीजों की छूट दी जाएगी वहीं किन चीजों पर सख्ती बरती जाएगी, इन सभी विषयों पर सुझाव के लिए आयोजित बैठक के बाद ये साफ हो गया है कि फिलहाल इंदौर को लॉक डाउन से मुक्ति मिलना संभव नहीं। प्रभारी मंत्री ने मीडिया से चर्चा में कहा कि क्योंकि इंदौर रेड जोन में है तो अभी किसी भी तरह की छूट देना इंदौर के लिए उचित नहीं है। वही इंदौर के आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में को शर्तो के साथ रियायत दी जा सकती है।

मंत्री सिलावट ने कहा कि जो मजदूर देश के दूसरे प्रांतों में लॉक डाउन के चलते फंसे थे उन मजदूरों को मध्य प्रदेश लाया गया है और उनके घर भेजा गया है। प्रदेश में सरकार अभी तक 2 लाख 40 हजार मजदूरों को वापस ला चुकी है और सभी मजदूरों को रेल व बस की सहायता से लाया गया है। इधर, मंत्री ने प्रवासी मजदूरो के प्रदेश में प्रवास पर कहा कि महाराष्ट्र से राजस्थान से जो मजदूर पैदल यूपी जा रहे हैं उनके लिए प्रदेश में 130 बसों का इंतजाम किया गया है। ये बसे मजदूरों को बड़वानी, झाबुआ और सेंधवा सीमा से देवास तक लाएगी और उसके बाद उन्हें देवास से गुना ले जाकर उत्तर प्रदेश की सीमा तक छोड़ा जाएगा। इसके अलावा ऐसे श्रमिको के खान-पान का ध्यान रखने की पूरी कोशिश की जा रही है। वही मंत्री ने दावा किया कि उनकी कोशिश रहेगी कि आने वाले 3 से 5 दिनों में कोई भी मजदूर सड़क पर पैदल चलते हुए नहीं दिखाई देगा।

वहीं सैंपल टेस्टिंग को लेकर सिलावट ने कहा कि पहले रिपोर्ट आने में देरी हो रही थी वो अब वह नहीं हो रही है। धीरे – धीरे हर चीज में सुधार हो रहा है। इसके अलावा हॉस्पिटलों के संबंध में मंत्री ने कहा कि कुछ प्राइवेट हॉस्पिटल बहुत अच्छा काम कर रहे हैं और जो कुछ नहीं कर रहे हैं उन्हें चेतावनी दी गई है। वही संजीवनी क्लीनिक को भी चालू करने का प्रयास किया जा रहा है ताकि कोरोना के अलावा आम आदमी को व्यापक पैमाने पर इलाज की उपबल्ध हो सके।

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