देश के सबसे स्वच्छ शहर का खिताब हासिल करने वाले इंदौर क भागीरथपुरा में दूषित पेयजल सप्लाई से पैदा स्वास्थ्य संकट को लेकर राजनीतिक हलचल जारी है। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने इस घटना को निंदनीय और चौंकाने वाली करार दिया है। इसी के साथ उन्होंने मांग की है कि सभी संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
इस मामले को लेकर कांग्रेस सरकार पर हमलावर है। वहीं अब प्रशासन एक्शन में है और 75 से अधिक जल गुणवत्ता नमूने परीक्षण के लिए एकत्र किए गए हैं। इसी के साथ 12,000 से अधिक घरों में जल आपूर्ति की स्थिति का निरीक्षण भी किया है। भागीरथपुरा क्षेत्र में लगभग 940 मैनहोल की व्यापक सफाई कराई गई, जल आपूर्ति लाइनों का सर्वे किया जा रहा है और पाइप लाइन में क्लोरीन डोजिंग और नियमित टेस्टिंग भी की जा रही है।
दिग्विजय सिंह ने की कड़ी कार्रवाई की मांग
इंदौर में दूषित पेयजल सप्लाई से उत्पन्न हुई स्थिति पर दिग्विजय सिंह ने कहा है कि ये घटना बहुत निंदनीय और चौंकाने वाली है। एएनआई से बात करते हुए उन्होंने मांग की है कि सभी संबंधित लोगों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस दौरान वहां के महापौर, पार्षद और स्थानीय प्रतिनिधियों का व्यवहार रहा है, वो निंदनीय है।
कांग्रेस लगातार उठा रही है सवाल
इस मामले पर कांग्रेस लगातार सरकार से सवाल कर रही है और कई आरोप भी लगा रही है। पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ कह चुके हैं कि इस घटना से यह स्पष्ट होता है कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था और नागरिक आपूर्ति पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है, और यह नागरिकों की सुरक्षा के प्रति प्रशासन की गंभीर अनदेखी को दर्शाता है। वहीं, प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा है कि यदि ग्यारह जनवरी तक आवश्यक कार्रवाई नहीं की गई तो वे मध्यप्रदेश कांग्रेस के साथ इंदौर में धरने पर बैठेंगे। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा है कि यह त्रासदी अचानक नहीं हुई है, बल्कि वर्षों से चली आ रही लापरवाही का परिणाम है। उन्होंने कहा कि CAG ने पहले ही भोपाल और इंदौर के जल आपूर्ति और प्रबंधन पर विस्तृत ऑडिट रिपोर्ट जारी कर गंभीर तकनीकी, प्रशासनिक और वित्तीय खामियों को उजागर किया था, जिनमें सुधार के स्पष्ट सुझाव दिए गए थे। लेकिन रिपोर्ट के सार्वजनिक होने के बाद भी सरकार और नगर निगम कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं कर पाए।
शासन और प्रशासन एक्शन में
इस मामले में देशभर में किरकिरी होने के बाद अब शासन प्रशासन एक्शन में है। एक दिन पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर नगर निगम आयुक्त को ट्रांसफर कर दिया, अपर आयुक्त को हटाया और प्रभारी अधीक्षण यंत्री से जल वितरण का प्रभार वापस लेने के आदेश जारी किए हैं। इसी के साथ जलप्रदाय के लिए नया एसओपी भी जारी किया गया है। वहीं, भागीरथपुरा में जल आपूर्ति लाइनों का सर्वे किया जा रहा है तथा पाइपलाइनों में क्लोरीन की डोजिंग और नियमित टेस्टिंग की जा रही है। कलेक्टर शिवम वर्मा ने लोगों से अपील की कि फिलहाल केवल नगर निगम टैंकरों का पानी उबालकर उपयोग करें।





