इंदौर: मध्यप्रदेश के इंदौर में साइबर फ्रॉड पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस विशेष अभियान चलाकर लगातार कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में ऑपरेशन MATRIX 2.0 के तहत परदेशीपुरा पुलिस ने मल्टी-स्टेट साइबर फ्रॉड में इस्तेमाल म्यूल बैंक खाते का खुलासा करते हुये दो आरोपियों को दबोचा है।

पुलिस की जांच में सामने आया कि खाते के जरिये साइबर ठगी की रकम लेकर आरोपियों द्वारा 4 प्रतिशत कमीशन लिया जाता था। जांच यह भी पता चला है कि बैंक खाता मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश और कर्नाटक में दर्ज साइबर ठगी की शिकायतों से भी जुड़ा है। अब पुलिस आरोपियों से पूछताछ करने में जुटी है।

साइबर ठगी की रकम में 4 प्रतिशत कमीशन का खेल

जानकारी अनुसार, परदेशीपुरा पुलिस ने साइबर फ्रॉड के मामले में दो आरोपी दिव्यांश वर्मा और उसके साथी रौनक उर्फ सतीश कुमार को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि दिव्यांश अपने बैंक खाते में रकम प्राप्त करता था और 4 प्रतिशत कमीशन लेकर बाकी रकम रौनक को दे देता था। पुलिस ने आरोपियों से चार बैंक खातों की पासबुक, चेकबुक और एटीएम कार्ड जब्त किये हैं। मामले की आगे की जांच जारी है।

आरोपियों से पूछताछ, हुये अहम खुलासे

जांच अधिकारी एसआई दीपक जामोद ने बताया कि मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा ऑपरेशन MATRIX 2.0 के तहत म्यूल बैंक खातों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में 26 अक्टूबर को थाना परदेशीपुरा पुलिस ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के एक म्यूल बैंक खाते का खुलासा किया। इस खाते का धारक दिव्यांश वर्मा है। जांच के दौरान सामने आया कि खाते में रेगूलर ट्रांजेक्शन किये गये थे।

दीपक जामोद के अनुसार, खाते की जांच में पता चला कि इससे संबंधित साइबर फ्रॉड की शिकायतें मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश और कर्नाटक में दर्ज हैं। खाताधारक से पूछताछ करने पर खुलासा हुआ कि.. खाते में आने वाली राशि उसका दोस्त सतीश उर्फ रौनक जमा करवाता था। इसके बदले दिव्यांश वर्मा 4 प्रतिशत कमीशन अपने पास रखता था और बाकी रकम सतीश उर्फ रौनक को लौटा देता था। पुलिस ने मामले में दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। और उनसे पूछताछ की जा रही है।

इंदौर से शकील अंसारी की रिपोर्ट