इंदौर-दौंड एक्सप्रेस में सफर कर रहे यात्रियों के लिए यात्रा का अनुभव उस समय परेशानी भरा हो गया, जब ट्रेन के अलग-अलग कोच में चूहे और कॉकरोच दिखाई दिए। एक ही दिन दो यात्रियों ने रेलवे से शिकायत की। इनमें एक शिकायत फर्स्ट एसी कोच से आई, जबकि दूसरी स्लीपर कोच से की गई।
फर्स्ट एसी में बच्ची के साथ परेशान हुई महिला
इंदौर-दौंड एक्सप्रेस के फर्स्ट एसी कोच में सफर कर रही एकता दुबे के लिए सफर काफी परेशानी भरा रहा। उनके साथ 5 महीने की बच्ची भी थी। उनका कहना है कि ट्रेन में चूहे एसी डक्ट से बार-बार बाहर आ रहे थे। लंबे सफर के दौरान इस वजह से उन्हें बैठने और सोने में परेशानी हुई।
स्लीपर कोच में कॉकरोच का वीडियो सामने आया
इसी इंदौर-दौंड एक्सप्रेस में उज्जैन से सवार हुए एक अन्य यात्री ने भी कोच में कॉकरोच होने की शिकायत की। यात्री ने कॉकरोच का वीडियो बनाया और इसे रेलवे अधिकारियों तक पहुंचाया। वीडियो सामने आने के बाद ट्रेन में सफाई और कीट नियंत्रण व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे।

एक ही ट्रेन में फर्स्ट एसी से लेकर स्लीपर कोच तक ऐसी शिकायतें सामने आने से यात्रियों की परेशानी और बढ़ गई। खासकर लंबे सफर में यात्रियों के लिए कोच की साफ-सफाई और कीटों से सुरक्षा बेहद जरूरी होती है। रेलवे अधिकारियों ने शिकायतों को गंभीरता से लेने के निर्देश दिए हैं।
डीआरएम ने शिकायतों को गंभीरता से लेने के दिए निर्देश
यात्रियों की शिकायत रेलवे अधिकारियों तक पहुंचने के बाद रतलाम मंडल के डीआरएम अश्वनी कुमार ने मामले को गंभीरता से लेने के निर्देश दिए हैं। रेलवे की ओर से ट्रेनों में सफाई और पेस्ट कंट्रोल की व्यवस्था पर निगरानी रखने की बात कही गई है।
रतलाम मंडल के अनुसार इंदौर और महू कोचिंग डिपो में ट्रेनों के रैक के प्राइमरी और सेकंडरी मेंटेनेंस के दौरान सफाई के साथ पेस्ट और रोडेंट कंट्रोल पर विशेष ध्यान दिया जाता है। रेलवे स्टाफ और संबंधित कॉन्ट्रैक्टर को भी काम में लापरवाही मिलने पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।






