Hindi News

इंदौर संभागायुक्त का बड़ा एक्शन- लेडी सिंघम नाम से मशहूर SDM विशा निलंबित

Written by:Pooja Khodani
Published:
Last Updated:
इंदौर संभागायुक्त का बड़ा एक्शन- लेडी सिंघम नाम से मशहूर SDM विशा निलंबित

इंदौर, डेस्क रिपोर्ट। मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के बुरहानपुर (Burhanpur) में 42 लाख के फर्जीवाड़े के मामले में डिप्टी कलेक्टर विशा माधवानी (SDM Visha Madhwani) को निलंबित कर दिया है।यह कार्रवाई इंदौर के संभागायुक्त डॉक्टर पवन शर्मा द्वारा की गई है।वर्तमान में झाबुआ में पदस्थ SDM सुश्री विशा माधवानी के ख़िलाफ़ बुरहानपुर ज़िले के नेपानगर में पदस्थापना के दौरान तालाब निर्माण के मुआवज़े में अनियमितता का आरोप है।इस प्रकरण में पुलिस में FIR भी दर्ज की गई है।

यह भी पढ़े.. Electricity : मप्र के बिजली उपभोक्ताओं के लिए खुशखबरी, कंपनी ने शुरु की ये बड़ी योजना

इंदौर संभागायुक्त डॉक्टर शर्मा (Indore Divisional Commissioner Dr. Pawan Sharma)  ने निलंबित अधिकारी का मुख्यालय आलीराजपुर (Headquarters Alirajpur) नियत किया है। इससे पहले पुलिस ने नेपानगर की तत्कालीन SDM व वर्तमान में झाबुआ की डिप्टी कलेक्टर विशा माधवानी समेत 9 के खिलाफ धोखाधडी, गबन आपराधिक षडयंत्र के तहत FIR दर्ज किया था। मामले की जांच बुरहानपुर ADM द्वारा की गई थी। इसी आधार पर आरोपियों पर धोखाधड़ी, गबन, आपराधिक षड्यंत्र का मामला दर्ज किया गया है।

SDM विशा मूलत: देवास की रहने वाली है। साल 2015 में विशा ने मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (Madhya Pradesh Public Service Commission) परीक्षा में तीसरा स्थान प्राप्त किया था। वे 4 बार MPPSC का एग्जाम देने के बाद डिप्टी कलेक्टर बनने में सफल हुई थी। इससे पहले साल 2012 में जिला संयोजक, साल 2013 में महिला सश​क्तीकरण अधिकारी और साल 2014 में जिला पंजीयक पद पर भी चयनित हो चुकी हैं।

यह भी पढ़े.. मध्य प्रदेश के किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी, जल्द कैबिनेट में भेजा जाएगा ये प्रस्ताव

गौरतलब है कि साल 2018-2019 में बोरबन तालाब निर्माण में 15 करोड़ रुपए खर्च हुए थे, जिसकी आधी राशि निर्माण और आधी राशि मुआवजे पर खर्च हुई थी। इसी में आदिवासी रामेश्वर कल्लू की 15 एकड़ जमीन भी शामिल थी, उसे भी मुआवजे की राशि देनी थी। लेकिन इसी बीच आरोप लगा कि संबंधित अफसरों और बैंक कर्मियों ने मिलकर फर्जीवाड़े से हितग्राहियों के नाम का फर्जी खाता खोला है, जिसकी मदद से इन्होंने 42 लाख रुपये निकाले हैं। मामले की 45 दिन तक जांच चली, जिसके बाद विशा माधवानी समेत उनके लिपिक पंकज पाटे, बैंक मैनेजर अशोक नागनपुरे, बैंककर्मी अनिल पाटीदार, होमगार्ड जवान समेत अन्य लोगों को दोषी मानते हुए कार्रवाई की गई।

मध्य प्रदेश से जुड़ी विश्वसनीय और ताज़ा खबरें MP Breaking News in Hindi यहां आपको मिलती है MP News के साथ साथ लगातार अपडेट, राजनीति, अपराध, मौसम और स्थानीय घटनाओं की सटीक जानकारी। भरोसेमंद खबरों के लिए हमारे साथ जुड़े रहें और अपडेटेड रहें !