Hindi News

उत्तराखंड में आपराधिक घटनाओं पर मुख्यमंत्री धामी सख्त, पुलिस विभाग में फेरबदल और मुखबिर तंत्र मजबूत करने के दिए निर्देश

Written by:Gaurav Sharma
Published:
उत्तराखंड में हाल की आपराधिक घटनाओं पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गंभीर रुख अपनाते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने अपराध के प्रति शून्य सहनशीलता की नीति पर जोर देते हुए पुलिस विभाग में प्रशासनिक तबादले करने और निवारक रणनीति को मजबूत बनाने को कहा है।
उत्तराखंड में आपराधिक घटनाओं पर मुख्यमंत्री धामी सख्त, पुलिस विभाग में फेरबदल और मुखबिर तंत्र मजबूत करने के दिए निर्देश

देहरादून: उत्तराखंड में हाल के दिनों में सामने आई कुछ आपराधिक घटनाओं के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कानून-व्यवस्था को लेकर कड़ा रुख अपना लिया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि सरकार अपराध के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है और अपराधियों के लिए राज्य में कोई जगह नहीं है।

मुख्यमंत्री ने हालिया घटनाओं पर पुलिस द्वारा की गई त्वरित कार्रवाई और आरोपियों की समयबद्ध गिरफ्तारी की सराहना की। हालांकि, उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि केवल घटना के बाद की कार्रवाई ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि अपराध को रोकने के लिए एक मजबूत पूर्व-निवारक रणनीति बनाना अत्यंत आवश्यक है।

पुलिस व्यवस्था को और प्रभावी बनाने की कवायद

सरकार ने कानून-व्यवस्था को और अधिक चुस्त-दुरुस्त बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए हैं। इसी क्रम में पुलिस विभाग के भीतर प्रशासनिक स्तर पर कई आवश्यक तबादले किए गए हैं। इस कदम का उद्देश्य पुलिस बल को पहले से ज्यादा सक्रिय, जवाबदेह और प्रभावी बनाना है, ताकि आपराधिक तत्वों पर नकेल कसी जा सके।

मुखबिर तंत्र और जनता का विश्वास

मुख्यमंत्री धामी ने विशेष रूप से पुलिस के मुखबिर तंत्र (Informer Network) को फिर से मजबूत करने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि अपराधियों के मन में कानून का भय होना चाहिए और आम नागरिकों का पुलिस पर विश्वास बढ़ना चाहिए।

अधिकारियों को दिए गए निर्देशों में यह भी शामिल है कि आम जनता बिना किसी डर के अपनी शिकायतें लेकर पुलिस के पास पहुंच सके और उन्हें त्वरित एवं निष्पक्ष न्याय मिले। सरकार का लक्ष्य उत्तराखंड को एक ऐसा राज्य बनाना है जहां कानून-व्यवस्था इतनी सुदृढ़ हो कि अपराधियों के लिए कोई गुंजाइश न बचे।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma
Follow Us :GoogleNews