इंदौर: फर्जी जमानतदार और ऋण पुस्तिका मामले में पूछताछ जारी, प्रिटिंग संचालक पुलिस की हिरासत में

इंदौर: फर्जी जमानतदार और ऋण पुस्तिका मामले में पूछताछ जारी, प्रिटिंग संचालक पुलिस की हिरासत में

इंदौर, आकाश धौलपुरे।  इंदौर क्राइम ब्रांच ने दो दिन पहले नकली ऋण पुस्तिका (loan book) बनाकर न्यायालय (court) में फर्जी जमानत (fake bail) देने वाले गिरोह के तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया था। आरोपी ऋण पुस्तिका (loan book) का इस्तेमाल फर्जी तरीके से जमानत करवाने में करते थे। इससे पहले पकड़े गए आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि, इंदौर की कई प्रिंटिंग प्रेस  (printing press)में जमानत के फर्जी दस्तावेज छपवाते थे, जिसको लेकर इंदौर क्राइम ब्रांच ने देर रात इंदौर के सिख मोहल्ला और मल्हार पलटन स्थित अलग – अलग प्रिंटिंग प्रेस पर छापा मारकर कर प्रिंटिंग प्रेस के संचालको को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है।

यह भी पढ़े… Oil India Limited Recruitment: जल्दी करें आवेदन! 15 मार्च को बंद हो जाएगा Application पोर्टल

वही डीसीपी क्राइम (DCP  crime ) निमिष अग्रवाल ने बताया कि गिरोह के सरगना प्रकाश चावड़ा को जेल से क्राइम ब्रांच ने रिमांड पर लिया था और प्रकाश ने ही प्रिंटिंग प्रेस पर फर्जी ऋण पुस्तिका छपवाई थी। फर्जी ऋण पुस्तिका से ही प्रकाश ने फर्जी तरीके से पिछले 15 सालों में करीब 40 से 50 हजार लोगों की 12% के कमीशन पर जमानत करवाई है। डीसीपी क्राइम ब्रांच द्वारा अलग – अलग टीमें बनाकर इंदौर शहर में जगह – जगह कार्रवाई की जा रही है, जिसमे आने वाले दिनों में और भी कई बड़े खुलासे की उम्मीद पुलिस द्वारा भी जताई जा रही है।

Manisha Kumari Pandey
लेखक के बारे में
पत्रकारिता जनकल्याण का माध्यम है। एक पत्रकार का काम नई जानकारी को उजागर करना और उस जानकारी को एक संदर्भ में रखना है। ताकि उस जानकारी का इस्तेमाल मानव की स्थिति को सुधारने में हो सकें। देश और दुनिया धीरे–धीरे बदल रही है। आधुनिक जनसंपर्क का विस्तार भी हो रहा है। लेकिन एक पत्रकार का किरदार वैसा ही जैसे आजादी के पहले था। समाज के मुद्दों को समाज तक पहुंचाना। स्वयं के लाभ को न देख सेवा को प्राथमिकता देना यही पत्रकारिता है। अच्छी पत्रकारिता बेहतर दुनिया बनाने की क्षमता रखती है। इसलिए भारतीय संविधान में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ बताया गया है। हेनरी ल्यूस ने कहा है, " प्रकाशन एक व्यवसाय है, लेकिन पत्रकारिता कभी व्यवसाय नहीं थी और आज भी नहीं है और न ही यह कोई पेशा है।" पत्रकारिता समाजसेवा है और मुझे गर्व है कि "मैं एक पत्रकार हूं।" View all posts by Manisha Kumari Pandey →
Follow Us :GoogleNews