इंदौर में बिजली बिल अपडेट के नाम पर फ्रॉड, MPEB अधिकारी बनकर ठग ने उड़ाए 98 हजार रुपये, जांच में जुटी पुलिस, पढ़ें खबर

इंदौर में बिजली बिल अपडेट के नाम पर एक व्यक्ति से 98 हजार रुपये की ऑनलाइन धोखाधड़ी की गई। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।
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वर्तमान समय में ऑनलाइन धोखाधड़ी और साइबर अपराध के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। इसी कड़ी में इंदौर शहर में एक व्यक्ति को बिजली बिल अपडेट करने का झांसा देकर 98 हजार रुपये की ठगी का शिकार बनाया गया है। फरियादी देवकरण कनाडिया थाने पहुंचे और अपने साथ हुई इस गंभीर घटना की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस ने तत्काल मामले की गंभीरता को समझते हुए संबंधित धाराओं में अपराध दर्ज करते हुए अज्ञात आरोपित की तलाश शुरू कर दी है। यह घटना एक बार फिर दर्शाती है कि आमजन को ऑनलाइन लेनदेन और अज्ञात कॉल को लेकर कितनी सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।

पुलिस अधिकारियों ने इस धोखाधड़ी के संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि फरियादी देवकरण के मोबाइल फोन पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आया था। कॉल करने वाले व्यक्ति ने स्वयं को मध्य प्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी (एमपीईबी) का एक अधिकारी बताया। उसने फरियादी को यह कहकर विश्वास में लिया कि उसके बिजली बिल को तत्काल अपडेट करने की आवश्यकता है, अन्यथा बिल बकाया होने पर बिजली कनेक्शन काट दिया जाएगा। इस तरह की बात सुनकर फरियादी देवकरण ने बिना किसी शंका के उस अज्ञात व्यक्ति द्वारा मांगी गई जानकारी साझा कर दी। जानकारी साझा करते ही फरियादी के बैंक खाते से 98 हजार रुपये की राशि कट गई। जब फरियादी के खाते से इतनी बड़ी रकम कट गई, तब उसे अपने साथ हुई ठगी का एहसास हुआ।

शिकायत मिलते ही हरकत में आई पुलिस

अपने साथ हुए इस फ्रॉड की जानकारी के बाद फरियादी देवकरण तुरंत कनाडिया थाने पहुंचे। उन्होंने पुलिस को पूरे घटनाक्रम की जानकारी विस्तार से दी, जिसमें यह बताया गया कि किस तरह एक अज्ञात व्यक्ति ने खुद को एमपीईबी का अधिकारी बताकर उनसे जानकारी हासिल की और उनके खाते से लाखों रुपये निकाल लिए। फरियादी की शिकायत पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अज्ञात आरोपित के खिलाफ धोखाधड़ी और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं में मुकदमा कायम किया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अज्ञात आरोपित की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस का मानना है कि इस तरह के गिरोह संगठित तरीके से काम करते हैं और लोगों को डरा-धमका कर या झांसा देकर ठगी का शिकार बनाते हैं।

अज्ञात कॉल और मैसेज से रहें सतर्क, एडिशनल डीसीपी की अपील

पूरे मामले में हुई घटना की जानकारी के साथ-साथ एडिशनल डीसीपी ने आमजन को भी विशेष रूप से सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह के जो अज्ञात फोन आते हैं, उन पर विशेष रूप से अलर्ट रहना बेहद आवश्यक है। अक्सर ठग बिजली विभाग, बैंक, आयकर विभाग या अन्य सरकारी विभागों के अधिकारी बनकर लोगों को ठगने का प्रयास करते हैं। वे लोगों को डराते हैं कि उनका बिल बकाया है, खाता बंद हो जाएगा या कोई सरकारी योजना का लाभ नहीं मिलेगा, जिससे लोग घबराकर अपनी गोपनीय जानकारी साझा कर देते हैं।

एडिशनल डीसीपी ने सलाह दी कि यदि किसी भी व्यक्ति को इस प्रकार का कोई फोन आता है और उसे किसी प्रकार की शंका होती है, तो उसे तुरंत संबंधित कार्यालय में जाकर व्यक्तिगत रूप से या उनके आधिकारिक संपर्क नंबरों पर बात करके जानकारी की पुष्टि करनी चाहिए। किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपनी व्यक्तिगत या वित्तीय जानकारी, जैसे बैंक खाता नंबर, ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड), डेबिट/क्रेडिट कार्ड नंबर या पासवर्ड साझा करने से बचना चाहिए। ऐसी सतर्कता ही साइबर ठगी से बचने का एकमात्र उपाय है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध कॉल या मैसेज पर विश्वास न करें और अपनी निजी जानकारी किसी भी सूरत में साझा न करें, जिससे वे ऐसी धोखाधड़ी का शिकार होने से बच सकें।

Shyam Dwivedi
लेखक के बारे में
Shyam Dwivedi

7 वर्षों का पत्रकारिता अनुभव.

पत्रकार वह व्यक्ति होता है जो समाचार, घटनाओं, और मुद्दों की जानकारी देता है, उनकी जांच करता है, और उन्हें विभिन्न माध्यमों जैसे अखबार, टीवी, रेडियो, या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर प्रस्तुत करता है। मेरा नाम श्याम बिहारी द्विवेदी है और मैं पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। View all posts by Shyam Dwivedi →
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