
इंदौर।आकाश धौलपुरे। इंदौर के टाटपट्टी बाखल और सिलावटपूरा क्षेत्र में कोरोना की जांच के लिए गई टीम पर बुधवार दोपहर को रहवासियों ने ना सिर्फ पत्थर फेंके बल्कि गालियां भी दी। ऐसे में सवाल ये उठ रहे है कि स्वास्थ्य की कोरोना वारियर्स टीम कैसे लोगो को कोरोना की जांच से बचाये। क्योंकि जब तक कोरोना की जांच नही की जाती तब तक कोरोना से लड़ा नही जा सकता है। लिहाजा, लोगो मे कोरोना के लिए फैली भ्रांतियों को दूर करने और कोरोना से जंग लड़ने की कवायद कर रहे प्रशासन के सहयोग के लिए अब धर्मगुरुओ को उतरना पड़ा है। लिहाजा शहर काजी इशरत अली के साथ ही अलग – अलग क्षेत्रो से अपील के जरिये संदेश दिया जा रहा है कि कोरोना की जांच में प्रशासन का सहयोग किया जाए ताकि इस महामारी के खिलाफ समूचा हिंदुस्तान एकजुट होकर लड़ सके।
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Gaurav Sharma
निदेशक और संपादक
पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है।
इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →

