
दिवाली के त्योहार पर इंदौर के बाजारों में खरीदारी बढ़ने के साथ दीये, सजावटी लाइटिंग और पूजा से जुड़ी चीजों की मांग भी रहती है। वहीं ऐसे में छोटे व्यापारियों के लिए दुकान लगाने की जगह अहम होती है। बता दें इस बार भी उन्हें शहर के परंपरागत स्थानों पर कारोबार करने का मौका मिलेगा। दरअसल महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने साफ किया है कि त्योहार के दौरान रेहड़ी-पटरी वाले तय जगहों पर कारोबार कर सकेंगे। राजबाड़ा क्षेत्र में दुकान लगाने की अनुमति से उन दुकानदारों को राहत मिलेगी जो त्योहार के दौरान कुछ दिनों तक दीये-बत्ती बेचकर कमाई करते हैं।
दरअसल महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा है कि दुकानदार तय सीमा में रहकर ही अपना सामान बेच सकेंगे। दुकान इस तरह नहीं लगाई जानी चाहिए कि सड़क पर अतिक्रमण हो या लोगों और वाहनों की आवाजाही रुक जाए। यानी छोटे व्यापारियों को कारोबार का मौका देने के साथ बाजारों में ट्रैफिक व्यवस्था बनाए रखने पर भी ध्यान दिया जाएगा।
राजबाड़ा में दिवाली पर दुकान लगाने की मिलेगी अनुमति
दीपावली की परंपरा भी बनी रहे, व्यापार भी बढ़े और इंदौर का यातायात भी सुगम रहे।
दीपावली के अवसर पर राजवाड़ा सहित शहर के परंपरागत स्थानों पर रेड़ी-पटरी और फुटपाथ पर दुकान लगाने वाले सभी व्यापारियों को नियमानुसार दुकानें लगाने में प्रशासन पूरा सहयोग करेगा।
मेरा सभी व्यापारी साथियों से आग्रह है कि वे अपनी निर्धारित सीमा में रहकर दुकानें लगाएँ और यातायात बाधित न हो, इसका विशेष ध्यान रखें। यातायात पुलिस और व्यापारी साथियों के आपसी सहयोग से हम दीपावली की परंपराओं को भी बनाए रखेंगे और नागरिकों की सुविधा भी सुनिश्चित करेंगे।
— Pushyamitra Bhargav (@advpushyamitra) October 29, 2026
बता दें कि राजबाड़ा इंदौर के प्रमुख बाजार क्षेत्रों में शामिल है। दिवाली के दौरान यहां खरीदारी के लिए लोगों की आवाजाही रहती है। इस बीच दीये, बत्ती और सजावटी सामान बेचने वाले छोटे दुकानदारों को भी कारोबार करने का मौका मिलेगा। महापौर के मुताबिक हर साल की तरह इस बार भी शहर में परंपरागत जगहों पर दुकानें लगाई जा सकेंगी। इससे उन व्यापारियों को फायदा होगा जो त्योहार के समय अस्थायी दुकान लगाकर अपनी रोजी-रोटी चलाते हैं। हालांकि दुकान लगाने की अनुमति का मतलब यह नहीं है कि दुकानदार सड़क के किसी भी हिस्से में सामान फैला सकते हैं। उन्हें तय सीमा के भीतर रहना होगा और आने-जाने के रास्ते खुले रखने होंगे। खासकर बाजार के व्यस्त हिस्सों में दुकानों की वजह से पैदल चलने वालों और वाहन चालकों को परेशानी नहीं होनी चाहिए। प्रशासन की ओर से तय व्यवस्था का पालन करना दुकानदारों के लिए जरूरी रहेगा।
अतिक्रमण और ट्रैफिक पर रहेगी नजर
दरअसल त्योहार के समय बाजारों में भीड़ बढ़ने से यातायात संभालना चुनौती बन जाता है। सड़क किनारे दुकानें लगने पर अगर रास्ता संकरा हो जाए तो लोगों को आने-जाने में दिक्कत हो सकती है। इसी वजह से महापौर ने दुकानदारों और ट्रैफिक पुलिस के बीच तालमेल पर जोर दिया है। प्रशासन की कोशिश यह रहेगी कि छोटे व्यापारियों का कारोबार भी प्रभावित न हो और बाजार में खरीदारी करने आने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना न करना पड़े।दुकानदारों को सामान अपनी तय जगह के भीतर रखना होगा और सड़क या रास्ते पर अतिरिक्त कब्जा करने से बचना होगा।

