Indore News : पकड़े गए एटीएम काटने वाले आरोपियों से पूछताछ में हुआ रोचक खुलासा घटना को अंजाम देने के लिए आरोपी गाड़ी की रूपरेखा पूरी तरह से बदलते थे आरोपी दरअसल यह रोचक खुलासा तेजाजी नगर थाना क्षेत्र मे तीन दिन पहले वाहन चेकिंग के दौरान हरियाणा मेवात की एक गैंग को पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया था। चुनाव के चलते तेजाजी नगर थाना क्षेत्र में शहर से बाहर जाने वाले पॉइंट पर एसएससी टीम की चेकिंग के दौरान यह गिरोह पकड़ा था पुलिस द्वारा मोबाइल नंबर के आधार पर दूसरी डिटेल निकाली जा रही है आरोपी तेजाजी नगर पुलिस की गिरफ्त में है। और पुलिस अब आरोपियों की ज़्यादा जानकारी जुटाने के मकसद से कितनी वारदातें की है यह भी इंदौर पुलिस अब तलाश कर रही है।

पुलिस ने लाखों रुपए किए बरामद

डी सी पी आदित्य मिश्रा ने बताया कि तीन दिन पूर्व तेजाजी नगर इलाके में वाहन चेकिंग के दौरान तीन संदिग्ध की गाड़ी चेकिंग में 11 लाख 30 हजार रुपए बरामद हुए थे जहां पुलिस द्वारा आरोपियों से जब इन रूपयों की जानकारी मांगी तो सभी डर गए थे। और कुछ जानकारी नहीं दिए जाने पर पुलिस ने इन्हें पकडा था। वहीं पकड़े गए आरोपियों के पास से गैस कटर भी बरामद हुए थे। आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद जब पुलिस द्वारा मुख्य आरोपी सद्दाम से जानकारी निकालना शुरू की तो सद्दाम ने कई बड़ी जानकारी पुलिस को दी। आरोपी सद्दाम हुसैन कुछ समय पहले सोलर प्लांट बनाने की एक फैक्ट्री में काम करता था और वह (नुह.) हरियाणा का ही रहने वाला है।

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यह है पूरा मामला

सद्दाम और फारूक दोनों ही दूर के रिश्तेदार बताए जा रहे हैं सबसे पहले तीनों आरोपी हरियाणा से निकलते हैं और वह हैदराबाद में जाकर किसी वारदात को अंजाम देने की प्लानिंग में थे लेकिन उन्होंने पुलिस को बताया कि वह गलती से हैदराबाद के लिए चले गए थे जहां गूगल मैप की सहायता से वह नागपुर के पुणे शहर जाने वाले थे और वहां कई बैंक एटीएम की वारदात को अंजाम देने वाले थे आरोपी इतने शातिर थे की घटना से पहले ही अलग-अलग नंबर प्लेटों को गाड़ी में रखकर चलते थे और जिस प्रदेश की सीमा मैं दाखिल होने वाले होते थे उससे पहले उसे ही प्रदेश की नंबर प्लेट को लगा लिया करते थे, आरोपी के पास से महाराष्ट्र गुजरात और राजस्थान के अलग-अलग फर्जी नंबर प्लेट भी मिली है वहीं आरोपी घटना से पहले जिस गाड़ी में वारदात करने के लिए निकलते थे पहले उसे की जानकारी जुटते थे कि उसे रंग की गाड़ी की नंबर प्लेट ही बनाई जाए आरोपी वारदात करने से पहले शिफ्ट गाड़ी की तीन अलग-अलग नंबर प्लेट बनाई थी जिससे कि वह चेकिंग के दौरान यदि कोई पुलिस वेबसाइट पर उसे सर्च करें तो जल्द पकड़ा ना जाए। आरोपियों द्वारा बताया गया की 23 अक्टूबर को उन्होंने नागपुर में घटना कार्य की थी और उसके रुपए लेकर ही वह वापस से हरियाणा की ओर जा रहे थे जहां तेजाजी नगर में चेकिंग के दौरान उनकी गाड़ी पकड़ गई।

इंदौर से शकील अंसारी की रिपोर्ट

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