इंदौर पुलिस का बड़ा एक्शन,कार चुराने वाली गैंग पकड़ी, एक खास तरह की कार रहती थी निशाने पर

पुलिस ने आरोपियों द्वारा चोरी की गई पांच कारें बरामद की है, जिसमें चार कर इको कार हैं क्योंकि इको कार ही इस गैंग के निशाने पर होती थी। 
Indore Police

Indore News :  इंदौर की जूनी थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक ऐसी गैंग को पकड़ा है जो कार चोरी करते थे, पुलिस ने गैंग के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है, इनके कब्जे से पुलिस ने पांच कारें बरामद की है, पूछताछ में सामने आया है कि ये गैंग इको कार को ही निशाना बनाती थी पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है।

एसीपी देवेंद्र सिंह धुर्वे ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि 21 दिसंबर को जूनी इंदौर थाना क्षेत्र के खातीवाला टैंक क्षेत्र में रहने वाले महेश रामचंदानी की एक इको कार चोरी की हुई थी जिसको लेकर एक टीम का गठन कर आरोपियों की खोजबीन शुरू की थी।

तीन आरोपी गिरफ्तार, पांच कर बरामद 

पुलिस टीम ने वारदात वाली जगह से पूरा रूट मैप तैयार कर करीब 300 से अधिक सीसीटीवी कैमरे खंगाले जिसके परिणामस्वरूप पुलिस को एक संदिग्ध मिला जिसको हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ करने पर आरोपी ने अन्य वारदाते करना कबूल की,  पकड़े गए आरोपी नईम उर्फ नवाब पिता सलीम खान निवासी सिकंदराबाद के एक अन्य साथी इकरार पिता शराफत हुसैन निवासी अहमद नगर खजराना,को गिरफ़्तार किया जिनके कब्जे से पुलिस ने आरोपियों द्वारा चोरी की गई पांच कारें बरामद की है, जिसमें चार कर इको कार हैं क्योंकि इको कार ही इस गैंग के निशाने पर होती थी।

आरोपियों का रिमांड लेगी पुलिस

वाहनों को खरीदकर कर अन्य राज्यों में बेचने वाले इनके साथी हाजी अब्बास शाह पिता गफूर शाह निवासी खजराना को भी पुलिस ने गिरफ़्तार किया है पकड़े गए दोनों आरोपी नईम और इकरार चोरी के मामले में पहले भी जेल जा चुके है वही शहर के अन्य थाना क्षेत्र में भी दोनों आरोपियों पर चोरी के प्रकरण दर्ज़ है। फ़िलहाल इस पूरे मामले में जूनी इंदौर थाना पुलिस आरोपियों को रिमांड पर लेकर अन्य वारदातो के बारे में पूछताछ करेंगी।

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इंदौर से शकील अंसारी की रिपोर्ट 

Atul Saxena
लेखक के बारे में
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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