चाइनीज मांझे के खिलाफ पुलिस की मुहिम तेज, 13 गिरफ्तार, जिला बदर की कार्रवाई प्रस्तावित

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि चाइनीज मांझे के क्रय-विक्रय या उपयोग में संलिप्त पाए जाने पर एफआईआर दर्ज की जाएगी और जिलाबदर की कार्रवाई भी होगी।
Chinese Manjha

Chinese Manjha

इंदौर शहर में जानलेवा चाइनीज मांझे के खिलाफ पुलिस की मुहिम लगातार तेज होती जा रही है। रविवार देर रात एमजी रोड थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 13 लोगों को मांझे के साथ गिरफ्तार किया है, जिनमें महिलाएं भी शामिल हैं। इनमें से चार आरोपियों के खिलाफ जिला बदर की कार्रवाई प्रस्तावित की गई है, जबकि शेष पर प्रीवेंटिव एक्शन लेते हुए उन्हें जेल भेजा गया है।

क्राइम ब्रांच के एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि शहर में पतंगबाजी के दौरान चाइनीज मांझे से हो रही गंभीर घटनाओं को देखते हुए यह अभियान चलाया जा रहा है। कार्रवाई के दौरान कई दुकानों से प्रतिबंधित मांझा जब्त किया गया, जो बेहद मजबूत और अनब्रेकबल होता है। ऐसे मांझे के उपयोग से आमजन, खासकर दोपहिया वाहन चालकों की जान को गंभीर खतरा रहता है।

दिल्ली चांदनी चौक की दुकानों से खरीदा था

उन्होंने बताया कि एमजी रोड के अलावा खजराना, आजाद नगर, हीरानगर, राजेंद्र नगर, कनाड़िया सहित अन्य थाना क्षेत्रों में भी सघन कार्रवाई की गई है। पूछताछ में कुछ आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने यह मांझा जुलाई-अगस्त के दौरान दिल्ली के चांदनी चौक क्षेत्र में लगने वाली दुकानों से खरीदा था। ऐसे विक्रेताओं को भी चिन्हित कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

एफआईआर और जिलाबदर की कार्रवाई होगी

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि चाइनीज मांझे के क्रय-विक्रय या उपयोग में संलिप्त पाए जाने पर एफआईआर दर्ज की जाएगी और जिलाबदर की कार्रवाई भी होगी। इसके साथ ही शहर भर में अवेयरनेस कैंपेन चलाकर लोगों को इसके दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं भी चीनी मांझे की बिक्री या उपयोग की सूचना मिले तो तुरंत सूचना दे यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

शकील अंसारी की रिपोर्ट

Atul Saxena
लेखक के बारे में
Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
Follow Us :GoogleNews